📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Contributers2020
स्थानीय
महाराष्ट्र के एक गांव ने लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाया, गिद्धों की संख्या 22 से बढ़कर 347 हुई
✍️ The Indian Express
🗓 15 सित. 2026, 06:42 AM
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महाराष्ट्र के एक गांव ने लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाया, जिससे स्थानीय गिद्धों की संख्या केवल 22 से बढ़कर 347 हो गई। इस कदम का उद्देश्य शोर प्रदूषण को कम करके इन परिंदों की सुरक्षा करना था।
गांव की प्रशासन ने लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया जब उन्होंने गिद्धों की संख्या में तेज गिरावट देखी। अधिकारियों ने देखा कि लाउडस्पीकर की आवाज इन पक्षियों के भोजन और प्रजनन में बाधा डाल रही थी, जिससे उन्हें तनाव और विस्थापन का सामना करना पड़ रहा था।
प्रतिबंध के बाद, स्थानीय निवासी और वन्यजीव प्रेमी गिद्धों की संख्या की निगरानी करने लगे। अवलोकन अवधि के दौरान, गिद्धों की संख्या 22 से steadily बढ़कर 347 हो गई, जिससे शांत वातावरण के प्रति उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस पहल को एक सरल yet प्रभावी समुदाय‑आधारित कदम बताकर लुप्तप्राय प्रजाति की रक्षा के लिए प्रशंसा की है। यह सफलता दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर शोर नियंत्रण उपाय सीधे वन्यजीव संरक्षण को लाभ पहुंचा सकते हैं।
अधिकारियों की उम्मीद है कि यह उदाहरण अन्य गांवों को समान चुनौतियों का सामना करते समय शोर‑कमी रणनीतियों को अपने वन्यजीव संरक्षण योजनाओं का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
प्रतिबंध के बाद, स्थानीय निवासी और वन्यजीव प्रेमी गिद्धों की संख्या की निगरानी करने लगे। अवलोकन अवधि के दौरान, गिद्धों की संख्या 22 से steadily बढ़कर 347 हो गई, जिससे शांत वातावरण के प्रति उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस पहल को एक सरल yet प्रभावी समुदाय‑आधारित कदम बताकर लुप्तप्राय प्रजाति की रक्षा के लिए प्रशंसा की है। यह सफलता दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर शोर नियंत्रण उपाय सीधे वन्यजीव संरक्षण को लाभ पहुंचा सकते हैं।
अधिकारियों की उम्मीद है कि यह उदाहरण अन्य गांवों को समान चुनौतियों का सामना करते समय शोर‑कमी रणनीतियों को अपने वन्यजीव संरक्षण योजनाओं का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करेगा।