📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Singh PreetManak
बिज़नेस
महाराष्ट्र ने अचल संपत्ति टोकनाइज़ करने के लिए DELTA अधिनियम पेश करने का निर्णय लिया
✍️ Business Standard
🗓 09 सित. 2026, 08:49 PM
👁 26
महाराष्ट्र ने अचल संपत्ति को डिजिटल टोकन में बदलने के लिए DELTA अधिनियम पेश करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य संपत्ति लेनदेन को सरल बनाना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
महाराष्ट्र सरकार ने अचल संपत्ति को टोकनाइज़ करने के लिए DELTA अधिनियम पेश करने की योजना की घोषणा की है। इस नए कानून के तहत, संपत्ति के शीर्षक को ब्लॉकचेन‑आधारित लीडर पर डिजिटल टोकन के रूप में दर्शाया जाएगा, जिससे लेनदेन प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा और कागजी कार्यवाही कम होगी।
अधिनियम का उद्देश्य अचल‑संपत्ति बाज़ार में पारदर्शिता बढ़ाना है, क्योंकि सभी लेनदेन एक अपरिवर्तनीय डिजिटल रिकॉर्ड पर दर्ज होंगे। इसके अलावा, यह फ्रोक्शनल ओनरशिप को भी संभव बना सकता है, जिससे कई निवेशक एक ही संपत्ति में हिस्सेदारी रख सकें।
महाराष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि यह विधेयक आने वाले महीनों में तैयार किया जाएगा और वर्ष के अंत से पहले राज्य विधानसभा में पारित होने की संभावना है। सरकार ने इस कदम को भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज़ करने और संपत्ति अधिकारों के प्रवर्तन को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया।
रियल‑एस्टेट क्षेत्र के हितधारकों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि टोकनाइज़ेशन से धोखाधड़ी घटेगी और निपटान समय तेज़ होगा। हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील संपत्ति डेटा की सुरक्षा के लिए मजबूत साइबरसुरक्षा उपाय आवश्यक होंगे।
DELTA अधिनियम भारत में पहली बार की पहल होगी, जिससे महाराष्ट्र को डिजिटल संपत्ति प्रबंधन में अग्रणी स्थान मिल सकता है।
अधिनियम का उद्देश्य अचल‑संपत्ति बाज़ार में पारदर्शिता बढ़ाना है, क्योंकि सभी लेनदेन एक अपरिवर्तनीय डिजिटल रिकॉर्ड पर दर्ज होंगे। इसके अलावा, यह फ्रोक्शनल ओनरशिप को भी संभव बना सकता है, जिससे कई निवेशक एक ही संपत्ति में हिस्सेदारी रख सकें।
महाराष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि यह विधेयक आने वाले महीनों में तैयार किया जाएगा और वर्ष के अंत से पहले राज्य विधानसभा में पारित होने की संभावना है। सरकार ने इस कदम को भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज़ करने और संपत्ति अधिकारों के प्रवर्तन को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया।
रियल‑एस्टेट क्षेत्र के हितधारकों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि टोकनाइज़ेशन से धोखाधड़ी घटेगी और निपटान समय तेज़ होगा। हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील संपत्ति डेटा की सुरक्षा के लिए मजबूत साइबरसुरक्षा उपाय आवश्यक होंगे।
DELTA अधिनियम भारत में पहली बार की पहल होगी, जिससे महाराष्ट्र को डिजिटल संपत्ति प्रबंधन में अग्रणी स्थान मिल सकता है।