📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Petroleum and Natural Gas
सरकारी योजना
महाराष्ट्र ने ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए अगस्त 18 से मराठी अनिवार्य किया
✍️ Business Standard
🗓 13 अग. 2026, 11:34 AM
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अगस्त 18 से महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों को मराठी बोलने का अनिवार्य किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने 18 अगस्त से ऑटो रिक्शा, टैक्सी और निजी कैब ड्राइवरों को मराठी भाषा बोलने की अनिवार्यता लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम ग्राहकों के साथ बेहतर संवाद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नई नियमावली के तहत ड्राइवरों को लाइसेंसिंग प्रक्रिया के दौरान मराठी में मूलभूत दक्षता का प्रमाण देना आवश्यक होगा। यदि ड्राइवर इस भाषा मानक पर खरा नहीं उतरता, तो उसके ड्राइविंग परमिट को निलंबित किया जा सकता है।
इस नीति को लागू करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और राज्य के मोटर वाहन विभाग द्वारा निगरानी की जाएगी। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि भाषा दक्षता का आकलन कैसे किया जाएगा।
यह कदम महाराष्ट्र में सार्वजनिक सेवाओं में भाषाई समावेशिता बढ़ाने के लिए उठाए गए प्रयासों के बीच आया है। जबकि कुछ स्थानीय समुदायों ने इस पहल का स्वागत किया है, परिवहन संघों ने इसके कार्यान्वयन की व्यवहारिकता पर सवाल उठाए हैं।
नई नियमावली के तहत ड्राइवरों को लाइसेंसिंग प्रक्रिया के दौरान मराठी में मूलभूत दक्षता का प्रमाण देना आवश्यक होगा। यदि ड्राइवर इस भाषा मानक पर खरा नहीं उतरता, तो उसके ड्राइविंग परमिट को निलंबित किया जा सकता है।
इस नीति को लागू करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और राज्य के मोटर वाहन विभाग द्वारा निगरानी की जाएगी। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि भाषा दक्षता का आकलन कैसे किया जाएगा।
यह कदम महाराष्ट्र में सार्वजनिक सेवाओं में भाषाई समावेशिता बढ़ाने के लिए उठाए गए प्रयासों के बीच आया है। जबकि कुछ स्थानीय समुदायों ने इस पहल का स्वागत किया है, परिवहन संघों ने इसके कार्यान्वयन की व्यवहारिकता पर सवाल उठाए हैं।