📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
महाराष्ट्र में ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, CM फडनविस ने कहा 'भाषा आधारित अन्याय नहीं'
✍️ Mid-Day
🗓 24 अग. 2026, 09:26 PM
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महाराष्ट्र सरकार ने सभी लाइसेंसधारी ड्राइवरों के लिए मराठी को अनिवार्य कर दिया है, CM फडनविस ने आश्वासन दिया कि यह कदम भाषा‑आधारित भेदभाव नहीं पैदा करेगा।
महाराष्ट्र सरकार ने सभी लाइसेंसधारी ड्राइवरों के लिए मराठी को अनिवार्य भाषा घोषित किया है। यह घोषणा राज्य के सार्वजनिक सेवाओं में क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
CM फडनविस ने इस नीति पर बात करते हुए कहा कि यह कदम भाषा‑आधारित अन्याय नहीं पैदा करेगा। उन्होंने बताया कि ड्राइवरों को इस बदलाव के साथ तालमेल बिठाने के लिए आवश्यक सहायता उपाय लागू किए जाएंगे।
नई नियमावली के तहत, ड्राइवरों को लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान मराठी में दक्षता का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सरकार ने प्रमुख जिलों में प्रशिक्षण और मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने का इरादा जताया है।
इस नीति पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिली हैं। भाषा समर्थकों ने मराठी को संरक्षित करने के इस कदम की सराहना की, जबकि कुछ नागरिक‑अधिकार समूहों ने सरकार से आग्रह किया कि कार्यान्वयन के दौरान गैर‑मराठी बोलने वालों को हाशिये पर न डाला जाए।
राज्य सरकार ने कार्यान्वयन की करीबी निगरानी करने और किसी भी उभरती समस्या का समाधान करने का वादा किया है।
CM फडनविस ने इस नीति पर बात करते हुए कहा कि यह कदम भाषा‑आधारित अन्याय नहीं पैदा करेगा। उन्होंने बताया कि ड्राइवरों को इस बदलाव के साथ तालमेल बिठाने के लिए आवश्यक सहायता उपाय लागू किए जाएंगे।
नई नियमावली के तहत, ड्राइवरों को लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान मराठी में दक्षता का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सरकार ने प्रमुख जिलों में प्रशिक्षण और मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने का इरादा जताया है।
इस नीति पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिली हैं। भाषा समर्थकों ने मराठी को संरक्षित करने के इस कदम की सराहना की, जबकि कुछ नागरिक‑अधिकार समूहों ने सरकार से आग्रह किया कि कार्यान्वयन के दौरान गैर‑मराठी बोलने वालों को हाशिये पर न डाला जाए।
राज्य सरकार ने कार्यान्वयन की करीबी निगरानी करने और किसी भी उभरती समस्या का समाधान करने का वादा किया है।