📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 25 Cents FC
धर्म
महाराष्ट्र ने गणपति उत्सव के लिए 2,900 मुफ्त बसें चलाने का आदेश
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 07 सित. 2026, 06:17 PM
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राज्य सरकार ने गणपति उत्सव में यात्रियों की सुविधा के लिए 2,900 मुफ्त बसें चलाने का प्रावधान किया है।
मुंबई – महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने गणपति उत्सव के दौरान राज्य भर में 2,900 मुफ्त बस सेवाएँ प्रदान करने की घोषणा की है। यह पहल तीर्थयात्रियों को मंदिरों और सामुदायिक कार्यक्रमों तक आसानी से पहुँचाने, ट्रैफ़िक जाम को कम करने और यात्रा खर्च घटाने के उद्देश्य से की गई है।
इन बसों को प्रमुख तीर्थस्थलों और शहरी केंद्रों को जोड़ने वाले निर्धारित मार्गों पर चलाया जाएगा, और उत्सव की शुरुआत से लेकर समाप्ति तक संचालन रहेगा। समय‑सारिणी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय सूचना बोर्डों पर उपलब्ध कराई जाएगी, तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी की जाएगी।
परिवहन मंत्री अशोक चावन ने कहा कि मुफ्त सवारी राज्य की सांस्कृतिक उत्सवों को समर्थन देने और सुरक्षित, व्यवस्थित यात्रा को बढ़ावा देने का हिस्सा है। इस योजना से सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हजारों नागरिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधिकारी यात्रियों से पहचान पत्र साथ रखने और भीड़भाड़ वाले बसों में अनुशासन बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इस मुफ्त सेवा को राज्य के सांस्कृतिक प्रचार बजट से वित्त पोषित किया गया है।
उत्सव के बाद इस पहल की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा और भविष्य में समान धार्मिक कार्यक्रमों के लिए इसे विस्तारित करने पर विचार किया जा सकता है।
इन बसों को प्रमुख तीर्थस्थलों और शहरी केंद्रों को जोड़ने वाले निर्धारित मार्गों पर चलाया जाएगा, और उत्सव की शुरुआत से लेकर समाप्ति तक संचालन रहेगा। समय‑सारिणी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय सूचना बोर्डों पर उपलब्ध कराई जाएगी, तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी की जाएगी।
परिवहन मंत्री अशोक चावन ने कहा कि मुफ्त सवारी राज्य की सांस्कृतिक उत्सवों को समर्थन देने और सुरक्षित, व्यवस्थित यात्रा को बढ़ावा देने का हिस्सा है। इस योजना से सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हजारों नागरिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधिकारी यात्रियों से पहचान पत्र साथ रखने और भीड़भाड़ वाले बसों में अनुशासन बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इस मुफ्त सेवा को राज्य के सांस्कृतिक प्रचार बजट से वित्त पोषित किया गया है।
उत्सव के बाद इस पहल की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा और भविष्य में समान धार्मिक कार्यक्रमों के लिए इसे विस्तारित करने पर विचार किया जा सकता है।