📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनवीस ने आशा बोसले के जन्मदिन पर 'अशा फॉरेवर' का अनावरण किया
✍️ The Times of India
🗓 09 सित. 2026, 11:36 AM
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आशा बोसले के जन्मदिन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने 'अशा फॉरेवर' श्रद्धांजलि का अनावरण किया।
आशा बोसले के जन्मदिन पर महाराष्ट्र में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने "अशा फॉरेवर" पहल का अनावरण किया। यह पहल गायिका की समृद्ध संगीत विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
समारोह में बोसले के करियर की प्रमुख झलकियों को दर्शाते हुए एक वीडियो प्रस्तुति दिखायी गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भारतीय संगीत परंपरा को सम्मानित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने "अशा फॉरेवर" के तहत कई संगीत कार्यक्रम, पुरानी रिकॉर्डिंग का पुनः प्रकाशन और शैक्षणिक कार्यक्रमों की योजना की घोषणा की।
राज्य के सांस्कृतिक विभाग ने बताया कि यह पहल संगीत अकादमियों और स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ मिलकर बोसले की रिकॉर्डिंग को युवा वर्ग तक पहुँचाने का लक्ष्य रखेगी। यह पहल महाराष्ट्र सरकार की कला‑संस्कृति को सहेजने की व्यापक नीति के हिस्से के रूप में प्रस्तुत की गई है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रशंसकों और संगीत उद्योग के दिग्गजों ने बोसले के छह दशकों के संगीत सफ़र की सराहना की और सरकार के इस समर्थन का स्वागत किया।
समापन में बोसले के एक क्लासिक गीत का जीवंत प्रस्तुतीकरण हुआ, जिससे उनकी संगीत की शाश्वत आकर्षण की पुष्टि हुई।
समारोह में बोसले के करियर की प्रमुख झलकियों को दर्शाते हुए एक वीडियो प्रस्तुति दिखायी गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भारतीय संगीत परंपरा को सम्मानित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने "अशा फॉरेवर" के तहत कई संगीत कार्यक्रम, पुरानी रिकॉर्डिंग का पुनः प्रकाशन और शैक्षणिक कार्यक्रमों की योजना की घोषणा की।
राज्य के सांस्कृतिक विभाग ने बताया कि यह पहल संगीत अकादमियों और स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ मिलकर बोसले की रिकॉर्डिंग को युवा वर्ग तक पहुँचाने का लक्ष्य रखेगी। यह पहल महाराष्ट्र सरकार की कला‑संस्कृति को सहेजने की व्यापक नीति के हिस्से के रूप में प्रस्तुत की गई है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रशंसकों और संगीत उद्योग के दिग्गजों ने बोसले के छह दशकों के संगीत सफ़र की सराहना की और सरकार के इस समर्थन का स्वागत किया।
समापन में बोसले के एक क्लासिक गीत का जीवंत प्रस्तुतीकरण हुआ, जिससे उनकी संगीत की शाश्वत आकर्षण की पुष्टि हुई।