📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा
मध्य प्रदेश के कुलपति को आयु सीमा पार करने पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 04 नव. 2026, 10:37 PM
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हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के एक विश्वविद्यालय के कुलपति को, जो आयु सीमा पार करने के बावजूद पद पर बने हैं, उनके कार्यकाल की वैधता पर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक विश्वविद्यालय के कुलपति को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने पद के लिए निर्धारित आयु सीमा पार कर ली है। अदालत ने इस सप्ताह जारी किए गए नोटिस में कुलपति और संबंधित विश्वविद्यालय को इस पद को आयु सीमा से अधिक रखे रहने के कारणों का विवरण देने का आदेश दिया है।
विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, कुलपति को निर्धारित आयु पर सेवानिवृत्त होना अनिवार्य है, जिससे नेतृत्व में नियमित बदलाव सुनिश्चित हो सके। अदालत का नोटिस इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस विस्तार को नियमों के अनुरूप अनुमति दी गई थी या यह वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।
विश्वविद्यालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, परन्तु कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अन्य संस्थानों में समान आयु सीमा उल्लंघन करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है। हाईकोर्ट ने जवाब देने की अंतिम तिथि तय की है, जिसके बाद आगे की न्यायिक कार्रवाई की संभावना है।
यदि अदालत को यह विस्तार अवैध प्रतीत होता है, तो कुलपति को तुरंत पद छोड़ने का आदेश दिया जा सकता है, जिससे राज्य के उच्च शिक्षा दिशा‑निर्देशों के अनुसार नया प्रमुख नियुक्त किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, कुलपति को निर्धारित आयु पर सेवानिवृत्त होना अनिवार्य है, जिससे नेतृत्व में नियमित बदलाव सुनिश्चित हो सके। अदालत का नोटिस इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस विस्तार को नियमों के अनुरूप अनुमति दी गई थी या यह वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।
विश्वविद्यालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, परन्तु कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अन्य संस्थानों में समान आयु सीमा उल्लंघन करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है। हाईकोर्ट ने जवाब देने की अंतिम तिथि तय की है, जिसके बाद आगे की न्यायिक कार्रवाई की संभावना है।
यदि अदालत को यह विस्तार अवैध प्रतीत होता है, तो कुलपति को तुरंत पद छोड़ने का आदेश दिया जा सकता है, जिससे राज्य के उच्च शिक्षा दिशा‑निर्देशों के अनुसार नया प्रमुख नियुक्त किया जाएगा।