📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
बिज़नेस
मध्य प्रदेश में 30 नए औद्योगिक क्षेत्र, 2028 तक 5,000 कंपनियों को प्लॉट्स
✍️ KNN India
🗓 02 नव. 2026, 08:36 PM
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मध्य प्रदेश सरकार ने 2028 तक 30 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास और 5,000 कंपनियों को प्लॉट्स देने की योजना की घोषणा की।
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में तीस नए औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण के लिए एक विस्तृत योजना का अनावरण किया है। इस पहल का उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और रोजगार के अवसर सृजित करना है।
योजना के तहत 5,000 कंपनियों को तैयार प्लॉट्स प्रदान किए जाएंगे, जिनमें छोटे उद्यम से लेकर बड़े निर्माताओं तक शामिल हैं। इन प्लॉट्स में सड़क, जल आपूर्ति, बिजली और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहले से उपलब्ध होंगी, जिससे निवेशकों को सेट‑अप में समय की बचत होगी।
इस कार्यक्रम को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पहले चरण के औद्योगिक क्षेत्रों को अगले दो वर्षों में संचालन में लाने की योजना है। राज्य के अधिकारी इस कदम को "मेक इन इंडिया" पहल के साथ संरेखित बताते हैं और यह मौजूदा औद्योगिक गलियारों को पूरक करेगा।
उद्योग संघों ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि तैयार भूमि की उपलब्धता घरेलू और विदेशी दोनों कंपनियों के लिए प्रवेश बाधाओं को कम कर सकती है। सरकार ने भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए तेज़ अनुमोदन प्रक्रियाएँ और वित्तीय प्रोत्साहन भी देने का वादा किया है।
यदि योजना सफल रहती है, तो मध्य प्रदेश को भारत के मध्य में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है, जिससे हजारों नौकरियां सृजित होंगी और राज्य की जीडीपी वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा।
योजना के तहत 5,000 कंपनियों को तैयार प्लॉट्स प्रदान किए जाएंगे, जिनमें छोटे उद्यम से लेकर बड़े निर्माताओं तक शामिल हैं। इन प्लॉट्स में सड़क, जल आपूर्ति, बिजली और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहले से उपलब्ध होंगी, जिससे निवेशकों को सेट‑अप में समय की बचत होगी।
इस कार्यक्रम को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पहले चरण के औद्योगिक क्षेत्रों को अगले दो वर्षों में संचालन में लाने की योजना है। राज्य के अधिकारी इस कदम को "मेक इन इंडिया" पहल के साथ संरेखित बताते हैं और यह मौजूदा औद्योगिक गलियारों को पूरक करेगा।
उद्योग संघों ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि तैयार भूमि की उपलब्धता घरेलू और विदेशी दोनों कंपनियों के लिए प्रवेश बाधाओं को कम कर सकती है। सरकार ने भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए तेज़ अनुमोदन प्रक्रियाएँ और वित्तीय प्रोत्साहन भी देने का वादा किया है।
यदि योजना सफल रहती है, तो मध्य प्रदेश को भारत के मध्य में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है, जिससे हजारों नौकरियां सृजित होंगी और राज्य की जीडीपी वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा।