📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा
मध्यप्रदेश में 7,000 वर्ग‑3 शिक्षकों को स्कूल आवंटन, 400 को म्यूचुअल ट्रांसफर
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 30 अग. 2026, 06:17 PM
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मध्यप्रदेश में लगभग 7,000 वर्ग‑3 शिक्षकों को सोमवार से स्कूल आवंटित किए जाएंगे, जिसमें 400 को म्यूचुअल ट्रांसफर मिलेगा और जॉइनिंग का एक हफ्ते का समय तय है।
मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग ने बताया कि वर्ग‑3 के लिए चयनित लगभग 7,000 शिक्षकों को स्कूल आवंटन प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी। यह कदम राज्य के सरकारी स्कूलों में खाली पदों को भरने और नए नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति को व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है।
सामान्य आवंटन के साथ ही लगभग 400 शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी गई है, जिससे वे अन्य जिलों में अपने सहयोगियों के साथ पोस्टिंग बदल सकेंगे। यह व्यवस्था व्यक्तिगत पसंद और स्थानांतरण की कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से है।
अधिकारियों ने कहा है कि स्कूल आवंटित होते ही शिक्षक को एक हफ्ते के भीतर कार्यभार संभालना अनिवार्य होगा। इस समयसीमा को लागू करके स्कूलों को समय पर स्टाफ उपलब्ध कराना और शैक्षणिक कैलेंडर में किसी भी प्रकार की बाधा से बचना लक्ष्य है।
अमर उजाला ने रिपोर्ट किया कि विभाग ने इस निर्देश को स्पष्ट किया है और अनुपालन की कड़ी निगरानी की जाएगी। निर्धारित समय में जॉइन न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या पोस्टिंग रद्द की जा सकती है।
यह आवंटन पहल राज्य की शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने, शिक्षक की कमी को दूर करने और स्कूलों में मानव संसाधन के बेहतर वितरण को सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
सामान्य आवंटन के साथ ही लगभग 400 शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी गई है, जिससे वे अन्य जिलों में अपने सहयोगियों के साथ पोस्टिंग बदल सकेंगे। यह व्यवस्था व्यक्तिगत पसंद और स्थानांतरण की कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से है।
अधिकारियों ने कहा है कि स्कूल आवंटित होते ही शिक्षक को एक हफ्ते के भीतर कार्यभार संभालना अनिवार्य होगा। इस समयसीमा को लागू करके स्कूलों को समय पर स्टाफ उपलब्ध कराना और शैक्षणिक कैलेंडर में किसी भी प्रकार की बाधा से बचना लक्ष्य है।
अमर उजाला ने रिपोर्ट किया कि विभाग ने इस निर्देश को स्पष्ट किया है और अनुपालन की कड़ी निगरानी की जाएगी। निर्धारित समय में जॉइन न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या पोस्टिंग रद्द की जा सकती है।
यह आवंटन पहल राज्य की शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने, शिक्षक की कमी को दूर करने और स्कूलों में मानव संसाधन के बेहतर वितरण को सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।