📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
सरकारी योजना
मध्य प्रदेश में सरकारी इमारतें अब ग्रीन टेक्नोलॉजी से, बिना सीमेंट की सड़कों पर काम
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 15 सित. 2026, 04:15 PM
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मध्य प्रदेश सरकार ने नई सरकारी इमारतों में ग्रीन बिल्डिंग तकनीक और बिना सीमेंट की कंक्रीट सड़कों के निर्माण की योजना की घोषणा की, जिससे पर्यावरण‑अनुकूल बुनियादी ढांचा तैयार होगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने बुनियादी ढांचे को अधिक पर्यावरण‑अनुकूल बनाने के लिए नई नीति की घोषणा की है। भविष्य में निर्मित सरकारी इमारतों में ग्रीन बिल्डिंग तकनीक अपनाई जाएगी, जिससे ऊर्जा की खपत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
साथ ही, सड़कों के निर्माण में पारंपरिक सीमेंट के स्थान पर वैकल्पिक बाइंडर का उपयोग कर सीमेंट‑रहित कंक्रीट तैयार करने की योजना है। यह विधि सीमेंट उत्पादन से उत्पन्न ग्रीनहाउस गैसों को कम करने और निर्माण लागत घटाने में मदद करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राज्य के बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकरण के साथ राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। चयनित परियोजनाओं से शुरू होकर परिणामों के आधार पर इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
यह पहल मध्य प्रदेश को उन अन्य भारतीय राज्यों के साथ जोड़ती है जो सतत निर्माण प्रथाओं की खोज में हैं, और सार्वजनिक कार्यों में जलवायु‑सचेत दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है।
वास्तुकारों और सिविल इंजीनियरों सहित संबंधित पक्षों को नई मानकों के विस्तृत दिशानिर्देश तैयार करने में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
साथ ही, सड़कों के निर्माण में पारंपरिक सीमेंट के स्थान पर वैकल्पिक बाइंडर का उपयोग कर सीमेंट‑रहित कंक्रीट तैयार करने की योजना है। यह विधि सीमेंट उत्पादन से उत्पन्न ग्रीनहाउस गैसों को कम करने और निर्माण लागत घटाने में मदद करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राज्य के बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकरण के साथ राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। चयनित परियोजनाओं से शुरू होकर परिणामों के आधार पर इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
यह पहल मध्य प्रदेश को उन अन्य भारतीय राज्यों के साथ जोड़ती है जो सतत निर्माण प्रथाओं की खोज में हैं, और सार्वजनिक कार्यों में जलवायु‑सचेत दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है।
वास्तुकारों और सिविल इंजीनियरों सहित संबंधित पक्षों को नई मानकों के विस्तृत दिशानिर्देश तैयार करने में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया गया है।