📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
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मध्य प्रदेश में 12 नई सड़कों पर टोल, सालाना 3,000 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 सित. 2026, 10:35 AM
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मध्य प्रदेश सरकार 12 नई सड़कों को टोल नेटवर्क में जोड़ने और अगले 10‑15 वर्षों में सालाना 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जैसा कि राज्य पीडब्ल्यूडी ने बताया।
मध्य प्रदेश सरकार ने मौजूदा टोल प्रणाली को विस्तारित करने की योजना का खुलासा किया, जिसमें बारह अतिरिक्त सड़क खंडों को टोल नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। यह कदम राज्य सार्वजनिक कार्य विभाग (PWD) द्वारा तैयार किए गए व्यापक राजस्व‑संकलन रणनीति का हिस्सा है। विभाग का अनुमान है कि विस्तारित टोल नेटवर्क से वार्षिक लगभग 3,000 करोड़ रुपये की आय हो सकती है।
अधिकारी बताते हैं कि चयनित सड़कों को यातायात की मात्रा और रख‑रखाव लागत के आधार पर चुना गया है, जिससे टोल शुल्क से बुनियादी ढांचे के सुधार और रख‑रखाव दोनों को वित्तपोषित किया जा सकेगा। पीडब्ल्यूडी ने कहा कि यह आय स्रोत अगले दस‑पंद्रह वर्षों में स्थिर हो जाएगा, जिससे नई परियोजनाओं और मौजूदा राजमार्गों के रख‑रखाव दोनों को समर्थन मिलेगा।
प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष अनुमोदन के लिए पेश किया जाएगा, और टोल दरें अंतिम रूप देने से पहले इस प्रक्रिया से गुज़रना होगा। यदि मंजूर हो जाता है, तो motorists को अगले वित्तीय चक्र में नई टोल प्लाज़ा स्थापित होते देख सकते हैं, जो राज्य की सड़क‑वित्तीय मॉडल में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है।
अधिकारी बताते हैं कि चयनित सड़कों को यातायात की मात्रा और रख‑रखाव लागत के आधार पर चुना गया है, जिससे टोल शुल्क से बुनियादी ढांचे के सुधार और रख‑रखाव दोनों को वित्तपोषित किया जा सकेगा। पीडब्ल्यूडी ने कहा कि यह आय स्रोत अगले दस‑पंद्रह वर्षों में स्थिर हो जाएगा, जिससे नई परियोजनाओं और मौजूदा राजमार्गों के रख‑रखाव दोनों को समर्थन मिलेगा।
प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष अनुमोदन के लिए पेश किया जाएगा, और टोल दरें अंतिम रूप देने से पहले इस प्रक्रिया से गुज़रना होगा। यदि मंजूर हो जाता है, तो motorists को अगले वित्तीय चक्र में नई टोल प्लाज़ा स्थापित होते देख सकते हैं, जो राज्य की सड़क‑वित्तीय मॉडल में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है।