📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pakshya
नौकरी
एमपी के किशोर 'बिट्टू तबाही' की नदी सफाई से वायरल, नीदरलैंड में नौकरी का प्रस्ताव
✍️ Hindustan Times
🗓 06 सित. 2026, 04:26 AM
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मध्य प्रदेश के एक किशोर, जो 'बिट्टू तबाही' के नाम से वायरल हुआ, ने प्रदूषित नदी की सफाई का वीडियो दिखाया और अब उसे नीदरलैंड की संस्था से नौकरी का प्रस्ताव मिला है।
मध्य प्रदेश के एक 15 साल के छात्र ने अपने गांव के पास बहती प्रदूषित नदी को हाथ से साफ़ करते हुए एक वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस प्रयास को देखकर लोगों ने उन्हें 'बिट्टू तबाही' का उपनाम दिया, क्योंकि वह नदी की तबाही को रोकने के लिए अथक मेहनत कर रहा था।
वीडियो ने कई पर्यावरणीय NGOs और समाचार माध्यमों का ध्यान आकर्षित किया, जिन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि आमतौर पर नीति स्तर पर ही इस समस्या को सुलझाया जाता है। कुछ ही दिनों में, नीदरलैंड की एक पर्यावरणीय कंसल्टेंसी ने इस किशोर को एक अल्पकालिक इंटर्नशिप का प्रस्ताव दिया, जिसमें नदी पुनर्स्थापना तकनीकों का प्रशिक्षण शामिल है।
परिवार ने इस प्रस्ताव की पुष्टि की है और बताया कि इससे लड़के को उन्नत कचरा‑प्रबंधन उपायों का अनुभव मिलेगा, साथ ही भारतीय युवा कार्यकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय प्रशासन ने भी राज्य भर में इसी तरह की जमीनी पहलों को समर्थन देने का वादा किया है।
हालांकि वह अभी भी छात्र है, लेकिन सोशल मीडिया की शक्ति से उत्पन्न इस अप्रत्याशित पेशेवर अवसर ने दिखा दिया है कि युवा पर्यावरणीय सक्रियता को वैश्विक मंच पर कैसे उठाया जा सकता है।
वीडियो ने कई पर्यावरणीय NGOs और समाचार माध्यमों का ध्यान आकर्षित किया, जिन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि आमतौर पर नीति स्तर पर ही इस समस्या को सुलझाया जाता है। कुछ ही दिनों में, नीदरलैंड की एक पर्यावरणीय कंसल्टेंसी ने इस किशोर को एक अल्पकालिक इंटर्नशिप का प्रस्ताव दिया, जिसमें नदी पुनर्स्थापना तकनीकों का प्रशिक्षण शामिल है।
परिवार ने इस प्रस्ताव की पुष्टि की है और बताया कि इससे लड़के को उन्नत कचरा‑प्रबंधन उपायों का अनुभव मिलेगा, साथ ही भारतीय युवा कार्यकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय प्रशासन ने भी राज्य भर में इसी तरह की जमीनी पहलों को समर्थन देने का वादा किया है।
हालांकि वह अभी भी छात्र है, लेकिन सोशल मीडिया की शक्ति से उत्पन्न इस अप्रत्याशित पेशेवर अवसर ने दिखा दिया है कि युवा पर्यावरणीय सक्रियता को वैश्विक मंच पर कैसे उठाया जा सकता है।