🔥 ट्रेंडिंग यूके राजनयिक ने असम की 10वीं यात्रा शु... आसाम के मुख्यमंत्री ने 13,186 नई एमबीब... प्रधानमंत्री मोदी सेमिकोण इंडिया 2026... दंपती को ट्रैवल एजेंटों से 30 लाख का ठ... आष्टा के नाना घर रिजॉर्ट में एक्सपायरी... जयपुर में पत्नी‑बेटियों की चारहरी हत्य...
14 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
मध्यप्रदेश ने करोड़ों में 50,000 हिन्दी एमबीबीएस पुस्तकें छापीं, पर छात्र अभी भी अंग्रेज़ी चुनते हैं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mercury editor1
शिक्षा

मध्यप्रदेश ने करोड़ों में 50,000 हिन्दी एमबीबीएस पुस्तकें छापीं, पर छात्र अभी भी अंग्रेज़ी चुनते हैं

✍️ India Today 🗓 14 सित. 2026, 06:46 PM 👁 10
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मध्यप्रदेश सरकार ने करोड़ों का निवेश करके 50,000 हिन्दी एमबीबीएस पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित की हैं, परंतु कई छात्र अभी भी अंग्रेज़ी संस्करण चुन रहे हैं।

मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में 50,000 हिन्दी एमबीबीएस पाठ्यपुस्तकें छापने का प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसका खर्चा कई करोड़ रुपये रहा है। ये पुस्तकें राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे हिन्दी में शिक्षा प्राप्त कर सकें।

इस पहल का उद्देश्य उन छात्रों के लिए भाषा बाधा को दूर करना है जो अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम को कठिन पाते हैं। पुस्तकें अगले सेमेस्टर से वितरण शुरू होंगी, और सभी सरकारी मेडिकल संस्थानों को कॉपीज़ दी जाएंगी।

हालाँकि हिन्दी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं, सर्वेक्षण और अनौपचारिक रिपोर्टों से पता चलता है कि कई छात्र अभी भी अंग्रेज़ी संस्करण चुनते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण माना जाता है कि अंग्रेज़ी पुस्तकें अधिक व्यापक, राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के अनुरूप और क्लिनिकल प्रैक्टिस में अधिक प्रचलित हैं।

सरकार ने कहा है कि वह छात्रों को छात्रवृत्ति और अतिरिक्त संसाधनों के माध्यम से समर्थन देती रहेगी, साथ ही कॉलेजों को हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
📲Get App