📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा
सेवानिवृत्ति से पहले 250 किमी स्थानांतरित प्रोफेसर को हाई कोर्ट से राहत
✍️ The Indian Express
🗓 07 सित. 2026, 02:49 PM
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सेवानिवृत्ति से कुछ महीने पहले 250 किमी दूर स्थानांतरित किए गए एक प्रोफेसर को हाई कोर्ट ने स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए राहत दी।
हाई कोर्ट ने एक वरिष्ठ प्रोफेसर को राहत दी है, जिन्हें सेवानिवृत्ति से कुछ महीने पहले 250 किमी दूर स्थानांतरित किया गया था। कोर्ट ने स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए प्रोफेसर को उनके मौजूदा संस्थान में सेवानिवृत्ति तक रहने की अनुमति दी है।
कई दशकों तक सेवा करने वाले इस प्रोफेसर ने अंतिम वर्षों की सेवा में बाधा और पेंशन लाभों पर असर के कारण इस अचानक स्थानांतरण को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने याचिका सुनने के बाद कहा कि यह स्थानांतरण मनमाना था और आगे की समीक्षा तक स्थिति को बरकरार रखने का आदेश दिया।
यह निर्णय सार्वजनिक कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है, विशेषकर जब वे सेवानिवृत्ति के निकट हों। विश्वविद्यालय प्रशासन को कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रोफेसर को उनके मौजूदा कैंपस में काम जारी रखने को कहा गया है।
यह मामला राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में देर से किए गए स्थानांतरण संबंधी समान विवादों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
कई दशकों तक सेवा करने वाले इस प्रोफेसर ने अंतिम वर्षों की सेवा में बाधा और पेंशन लाभों पर असर के कारण इस अचानक स्थानांतरण को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने याचिका सुनने के बाद कहा कि यह स्थानांतरण मनमाना था और आगे की समीक्षा तक स्थिति को बरकरार रखने का आदेश दिया।
यह निर्णय सार्वजनिक कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है, विशेषकर जब वे सेवानिवृत्ति के निकट हों। विश्वविद्यालय प्रशासन को कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रोफेसर को उनके मौजूदा कैंपस में काम जारी रखने को कहा गया है।
यह मामला राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में देर से किए गए स्थानांतरण संबंधी समान विवादों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।