📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध
एमपी पुलिस अधिकारी, पूर्व एयर होस्टेस, ज़मीन हड़पने के आरोप में मुख्यमंत्री की नाराज़गी
✍️ The Indian Express
🗓 22 अग. 2026, 07:37 AM
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एक वरिष्ठ एमपी पुलिस अधिकारी, जो पहले एयर होस्टेस और बाद में सिटी एसपी रहे, को ज़मीन हड़पने के मामले में जबरन वसूली का आरोप लगा है, जिससे राज्य के मुख्यमंत्री ने कड़ी निंदा की है।
अधिकारी, जिनका करियर एयर होस्टेस के रूप में शुरू हुआ और बाद में पुलिस सेवा में शामिल होकर सिटी एसपी तक पहुँचा, अब ज़मीन हड़पने के विवाद में फँसे हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी पद का दुरुपयोग कर जमीन मालिकों से बड़ी रकम वसूली की, जो भारतीय कानून के तहत जबरन वसूली माना जाता है।
यह विवाद तब उभरा जब कई संपत्ति मालिकों ने जिला प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई, यह दावा करते हुए कि अधिकारी ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और पैसे देने को कहा। राज्य अपराध शाखा की जांच में इस योजना से जुड़े वित्तीय लेन‑देनों के सबूत मिले हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी जताई, यह कहा कि ज़मीन हड़पने में शामिल कोई भी पुलिस अधिकारी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान ने अधिकारी के आचरण पर जांच को तेज़ किया है और राज्य की कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों में जवाबदेही के प्रश्न उठाए हैं।
अधिकारी ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह राजनीतिक कारणों से किया गया है। वर्तमान में वह जांच के अधीन है और मामले की आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए विशेष न्यायालय में सुनवाई की उम्मीद है।
यह विवाद तब उभरा जब कई संपत्ति मालिकों ने जिला प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई, यह दावा करते हुए कि अधिकारी ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और पैसे देने को कहा। राज्य अपराध शाखा की जांच में इस योजना से जुड़े वित्तीय लेन‑देनों के सबूत मिले हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी जताई, यह कहा कि ज़मीन हड़पने में शामिल कोई भी पुलिस अधिकारी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान ने अधिकारी के आचरण पर जांच को तेज़ किया है और राज्य की कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों में जवाबदेही के प्रश्न उठाए हैं।
अधिकारी ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह राजनीतिक कारणों से किया गया है। वर्तमान में वह जांच के अधीन है और मामले की आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए विशेष न्यायालय में सुनवाई की उम्मीद है।