📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण के प्रतिनिधियों ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात, सुप्रीम कोर्ट में दलील और सर्वे की मांग
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 16 अक्टू. 2026, 02:01 PM
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27% OBC आरक्षण की पुनर्स्थापना की मांग करने वाले प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की, सुप्रीम कोर्ट में मजबूत दलील और नई राय सर्वेक्षण की मांग की।
मध्यप्रदेश में 27% OBC आरक्षण की पुनर्स्थापना की मांग करने वाले प्रतिनिधियों के एक समूह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इस समूह ने आरक्षण को पुनः लागू करने के लिए अपना तर्क प्रस्तुत किया, जिसे हाल ही में न्यायिक आदेशों के कारण निलंबित किया गया था।
नेताओं ने राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में अधिक ठोस दलील पेश करने का आग्रह किया और कहा कि सार्वजनिक राय को मापने के लिए एक नया सर्वेक्षण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अद्यतन डेटा उनके दावे को मजबूत करेगा।
27% OBC आरक्षण, जो ऐतिहासिक सामाजिक असमानताओं को दूर करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, पिछले कुछ वर्षों में कई कानूनी विवादों का केंद्र रहा है। समर्थकों का मानना है कि यह आरक्षण शिक्षा और सरकारी नौकरियों में समान अवसर सुनिश्चित करता है, जबकि विरोधी इसे मेरिट और वित्तीय प्रभाव के संदर्भ में प्रश्न करते हैं।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने इन चिंताओं को स्वीकार किया और कहा कि सरकार कानूनी रणनीति की पुनः समीक्षा करेगी और नए सर्वेक्षण पर विचार करेगी। उन्होंने कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई, पर यह मुद्दा आगामी नीति चर्चाओं में उठाया जाएगा।
प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रस्तावित सर्वेक्षण के परिणामों के बाद वे इस महीने के अंत में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे, ताकि आरक्षण की पुनर्स्थापना की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।
नेताओं ने राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में अधिक ठोस दलील पेश करने का आग्रह किया और कहा कि सार्वजनिक राय को मापने के लिए एक नया सर्वेक्षण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अद्यतन डेटा उनके दावे को मजबूत करेगा।
27% OBC आरक्षण, जो ऐतिहासिक सामाजिक असमानताओं को दूर करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, पिछले कुछ वर्षों में कई कानूनी विवादों का केंद्र रहा है। समर्थकों का मानना है कि यह आरक्षण शिक्षा और सरकारी नौकरियों में समान अवसर सुनिश्चित करता है, जबकि विरोधी इसे मेरिट और वित्तीय प्रभाव के संदर्भ में प्रश्न करते हैं।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने इन चिंताओं को स्वीकार किया और कहा कि सरकार कानूनी रणनीति की पुनः समीक्षा करेगी और नए सर्वेक्षण पर विचार करेगी। उन्होंने कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई, पर यह मुद्दा आगामी नीति चर्चाओं में उठाया जाएगा।
प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रस्तावित सर्वेक्षण के परिणामों के बाद वे इस महीने के अंत में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे, ताकि आरक्षण की पुनर्स्थापना की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।