📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
विज्ञान
मध्य प्रदेश में नवीकरणीय नहीं, परमाणु परियोजना को स्थानीय विरोध
✍️ The Indian Express
🗓 11 अक्टू. 2026, 09:01 AM
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मध्य प्रदेश में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र को प्रारंभिक चरण में ही स्थानीय समुदायों और कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है।
केंद्रीय सरकार और परमाणु ऊर्जा विभाग ने मध्य प्रदेश में एक नया परमाणु ऊर्जा संयंत्र मंजूर किया है, जिसका उद्देश्य देश की ऊर्जा क्षमता में कई गीगावॉट जोड़ना है। साइट सर्वेक्षण और प्रारंभिक मंजूरी पूरी हो चुकी है, और इस वर्ष निर्माण चरण शुरू होने वाला था।
स्थानीय निवासी, पर्यावरण समूह और नागरिक समाज संगठनों ने सुरक्षा, रेडियोधर्मी कचरे के प्रबंधन और कृषि‑जल संसाधनों पर प्रभाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने रैलियां आयोजित कीं और राज्य प्राधिकरणों को विस्तृत पर्यावरणीय मूल्यांकन की मांग करते हुए याचिकाएँ दायर कीं।
राज्य अधिकारियों ने विरोध को स्वीकार किया और कहा कि विस्तृत पर्यावरणीय समीक्षा के बाद ही परियोजना को पुनः शुरू किया जाएगा। उन्होंने समुदाय के नेताओं के साथ संवाद स्थापित कर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने का आश्वासन भी दिया।
यह घटना बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्टों पर सार्वजनिक जांच के बढ़ते माहौल में, विशेषकर संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्रों में, परमाणु ऊर्जा के विस्तार पर राष्ट्रीय बहस को उजागर करती है।
स्थानीय निवासी, पर्यावरण समूह और नागरिक समाज संगठनों ने सुरक्षा, रेडियोधर्मी कचरे के प्रबंधन और कृषि‑जल संसाधनों पर प्रभाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने रैलियां आयोजित कीं और राज्य प्राधिकरणों को विस्तृत पर्यावरणीय मूल्यांकन की मांग करते हुए याचिकाएँ दायर कीं।
राज्य अधिकारियों ने विरोध को स्वीकार किया और कहा कि विस्तृत पर्यावरणीय समीक्षा के बाद ही परियोजना को पुनः शुरू किया जाएगा। उन्होंने समुदाय के नेताओं के साथ संवाद स्थापित कर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने का आश्वासन भी दिया।
यह घटना बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्टों पर सार्वजनिक जांच के बढ़ते माहौल में, विशेषकर संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्रों में, परमाणु ऊर्जा के विस्तार पर राष्ट्रीय बहस को उजागर करती है।