📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
स्वास्थ्य
मध्य प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में नवम्बर से कागज‑रहित व्यवस्था
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 नव. 2026, 11:01 AM
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नवम्बर से मध्य प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, दवा वितरण और बिलिंग डिजिटल हो जाएगी, और मरीजों को मोबाइल पर पर्ची मिलेगी।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने घोषणा की है कि नवम्बर से मध्य प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में कागज‑रहित व्यवस्था लागू की जाएगी। आउट‑पेशेंट पंजीकरण, जांच आदेश, डॉक्टर की परामर्श नोट और दवा वितरण सब कुछ इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज किया जाएगा।
मरीजों को उनकी प्रिस्क्रिप्शन पर्ची और जांच रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर प्राप्त होगी, जिससे कागजी दस्तावेज़ों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। बिलिंग भी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से होगी, जिससे तुरंत भुगतान सत्यापन और रसीद जारी की जा सकेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक देरी को कम करने, रोगी प्रवाह को सुगम बनाने और प्रत्येक नागरिक का स्थायी इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाने के लिए है। अस्पतालों के कर्मचारियों को नई सॉफ़्टवेयर के उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यह प्रणाली मौजूदा राज्य स्वास्थ्य डेटाबेस के साथ एकीकृत होगी।
यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने और डेटा की सटीकता बढ़ाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड रोग निगरानी और संसाधन वितरण में मदद करेंगे।
मरीजों को उनकी प्रिस्क्रिप्शन पर्ची और जांच रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर प्राप्त होगी, जिससे कागजी दस्तावेज़ों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। बिलिंग भी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से होगी, जिससे तुरंत भुगतान सत्यापन और रसीद जारी की जा सकेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक देरी को कम करने, रोगी प्रवाह को सुगम बनाने और प्रत्येक नागरिक का स्थायी इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाने के लिए है। अस्पतालों के कर्मचारियों को नई सॉफ़्टवेयर के उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यह प्रणाली मौजूदा राज्य स्वास्थ्य डेटाबेस के साथ एकीकृत होगी।
यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने और डेटा की सटीकता बढ़ाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड रोग निगरानी और संसाधन वितरण में मदद करेंगे।