📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
सरकारी योजना
मध्यप्रदेश में जनधन खाते 4.76 करोड़ से ऊपर, 1.82 करोड़ निष्क्रिय
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 17 सित. 2026, 08:15 PM
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मध्यप्रदेश में जनधन योजना के तहत अब 4.76 करोड़ से अधिक खाते हैं, लेकिन लगभग 1.82 करोड़ खाते निष्क्रिय या शून्य शेष वाले हैं, औसत जमा ₹4,182 है।
मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अब 4.76 करोड़ से अधिक बैंक खाते दर्ज किए गए हैं, यह आंकड़ा राज्य सरकार द्वारा जारी नवीनतम डेटा में दिखाया गया है। योजना के आरंभ के बाद से नामांकन में निरंतर वृद्धि हुई है, जिसका उद्देश्य बिना बैंकिंग सुविधा वाले लोगों को बुनियादी बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करना है।
हालाँकि, वही डेटा यह भी दर्शाता है कि लगभग 1.82 करोड़ खाते निष्क्रिय या शून्य शेष वाले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निष्क्रिय खाते योजना की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं, क्योंकि वे वित्तीय गतिविधि या क्रेडिट मूल्यांकन में योगदान नहीं देते।
राज्य के सभी सक्रिय जनधन खातों में औसत जमा ₹4,182 है, जो खाताधारकों की मामूली बचत को दर्शाता है। राज्य अधिकारियों ने बैंकों से नियमित जमा को प्रोत्साहित करने और निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने का अनुरोध किया है।
सरकार निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और उन खाताधारकों को प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है जो नियमित लेन‑देन करते हैं, ताकि मध्यप्रदेश में जनधन पोर्टफोलियो की वित्तीय समावेशन और समग्र स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
हालाँकि, वही डेटा यह भी दर्शाता है कि लगभग 1.82 करोड़ खाते निष्क्रिय या शून्य शेष वाले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निष्क्रिय खाते योजना की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं, क्योंकि वे वित्तीय गतिविधि या क्रेडिट मूल्यांकन में योगदान नहीं देते।
राज्य के सभी सक्रिय जनधन खातों में औसत जमा ₹4,182 है, जो खाताधारकों की मामूली बचत को दर्शाता है। राज्य अधिकारियों ने बैंकों से नियमित जमा को प्रोत्साहित करने और निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने का अनुरोध किया है।
सरकार निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और उन खाताधारकों को प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है जो नियमित लेन‑देन करते हैं, ताकि मध्यप्रदेश में जनधन पोर्टफोलियो की वित्तीय समावेशन और समग्र स्वास्थ्य में सुधार हो सके।