📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
देश
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पति की आय 1.5 लाख के बाद पत्नी को 30,000 रुपये की माहिक सहायता रद्द की
✍️ The Indian Express
🗓 14 सित. 2026, 10:45 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पति की आय 1.5 लाख बताने के बाद पत्नी को मिलने वाली 30,000 रुपये की मासिक सहायता को रद्द करने का आदेश दिया।
हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक निर्णय में पत्नी को दी जा रही 30,000 रुपये की माहिक सहायता को समाप्त करने का आदेश दिया। यह आदेश पति की आय के दस्तावेज़ों की जांच के बाद दिया गया, जिसमें उसकी वार्षिक आय लगभग 1.5 लाख रुपये बताई गई थी।
कोर्ट ने यह कहा कि पति की आय परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये पर्याप्त है और अतिरिक्त राज्य‑सहायता अब आवश्यक नहीं है। इसलिए, मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह सहायता अनुचित मानी गई।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के फैसले यह दर्शाते हैं कि न्यायालय सहायता को प्राप्तकर्ता की वास्तविक आय के अनुसार समायोजित करने पर ज़ोर दे रहा है, और यह समान मामलों में एक मानक स्थापित कर सकता है।
कोर्ट ने यह कहा कि पति की आय परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये पर्याप्त है और अतिरिक्त राज्य‑सहायता अब आवश्यक नहीं है। इसलिए, मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह सहायता अनुचित मानी गई।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के फैसले यह दर्शाते हैं कि न्यायालय सहायता को प्राप्तकर्ता की वास्तविक आय के अनुसार समायोजित करने पर ज़ोर दे रहा है, और यह समान मामलों में एक मानक स्थापित कर सकता है।