📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
अपराध
एमपी हाई कोर्ट ने एएसआई की रिश्वत केस में दंड रद्द किया, कहा सजा भूमिका के अनुसार होनी चाहिए
✍️ The Indian Express
🗓 03 सित. 2026, 08:36 PM
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एमपी हाई कोर्ट ने रिश्वत केस में एएसआई पर लगाए गए दंड को रद्द कर दिया, यह कहा कि सजा अधिकारी की भूमिका के अनुसार ही होनी चाहिए।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक सहायक सब‑इंस्पेक्टर (एएसआई) पर लगाए गए दंड को रद्द कर दिया, जो एक रिश्वत मामले में शामिल था। कोर्ट ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई अधिकारी की भूमिका के अनुसार ही अनुपातिक होनी चाहिए।
निर्णय में न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बिना सहभागिता की गहराई को देखे एकसमान सजा देना अन्यायपूर्ण हो सकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी दंड एएसआई की वास्तविक भागीदारी को दर्शाए, जिससे अनुशासनात्मक प्रक्रिया में निष्पक्षता बनी रहे।
यह फैसला भ्रष्टाचार मामलों में न्यायिक प्रणाली की संतुलित सजा देने की प्रवृत्ति को उजागर करता है, जिससे कानून प्रवर्तन कर्मियों के लिए जवाबदेही और उचित प्रक्रिया दोनों सुनिश्चित हो सके।
निर्णय में न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बिना सहभागिता की गहराई को देखे एकसमान सजा देना अन्यायपूर्ण हो सकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी दंड एएसआई की वास्तविक भागीदारी को दर्शाए, जिससे अनुशासनात्मक प्रक्रिया में निष्पक्षता बनी रहे।
यह फैसला भ्रष्टाचार मामलों में न्यायिक प्रणाली की संतुलित सजा देने की प्रवृत्ति को उजागर करता है, जिससे कानून प्रवर्तन कर्मियों के लिए जवाबदेही और उचित प्रक्रिया दोनों सुनिश्चित हो सके।