📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
अपराध
एमपी हाईकोर्ट ने ईओ को पाँच साल के चार्ज शीट न दाखिल करने पर हलफनामा देने का आदेश
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 26 अग. 2026, 09:47 PM
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एमपी हाईकोर्ट ने अभियोजन स्वीकृति के पाँच साल बीतने के बाद भी चार्ज शीट न दाखिल होने पर ईओ को हलफनामा देने का निर्देश दिया।
एमपी हाईकोर्ट ने एक ऐसे मामले में हस्तक्षेप किया जहाँ पाँच साल पहले अभियोजन की स्वीकृति मिली थी, परन्तु जांच एजेंसी ने अभी तक चार्ज शीट दाखिल नहीं की है।
न्यायालय ने अपने हालिया आदेश में कार्यकारी अधिकारी (ईओ) को हलफनामा देने का निर्देश दिया, जिसमें चार्ज शीट न तैयार होने के कारणों और इसे तुरंत दाखिल करने के कदमों का विवरण माँगा गया।
कोर्ट ने चेतावनी दी कि आगे भी अनुपालन न करने पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है और स्वीकृति के बाद उचित अवधि में चार्ज शीट दाखिल करने की वैधानिक आवश्यकता को दोहराया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विलंब से आपराधिक न्याय प्रक्रिया कमजोर होती है और अक्सर बिना मुकदमे के लंबे समय तक हिरासत का कारण बनते हैं, इसलिए न्यायपालिका ने समयसीमा को कड़ाई से लागू करने का इरादा जताया।
न्यायालय ने अपने हालिया आदेश में कार्यकारी अधिकारी (ईओ) को हलफनामा देने का निर्देश दिया, जिसमें चार्ज शीट न तैयार होने के कारणों और इसे तुरंत दाखिल करने के कदमों का विवरण माँगा गया।
कोर्ट ने चेतावनी दी कि आगे भी अनुपालन न करने पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है और स्वीकृति के बाद उचित अवधि में चार्ज शीट दाखिल करने की वैधानिक आवश्यकता को दोहराया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विलंब से आपराधिक न्याय प्रक्रिया कमजोर होती है और अक्सर बिना मुकदमे के लंबे समय तक हिरासत का कारण बनते हैं, इसलिए न्यायपालिका ने समयसीमा को कड़ाई से लागू करने का इरादा जताया।