📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash.dwivedi
अपराध
एमपी: शराब ठेके की 2.75 करोड़ की फर्जी ई‑एफडीआर पर डिप्टी सीएम के पूर्व ओएसडी दीपम रायचूरा को निलंबित
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 12 अक्टू. 2026, 11:15 PM
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एमपी आबकारी विभाग ने बोधल में शराब ठेके से जुड़ी 2.75 करोड़ की फर्जी ई‑एफडीआर मिलने पर डिप्टी सीएम के पूर्व ओएसडी दीपम रायचूरा को निलंबित कर दिया है।
एमपी आबकारी विभाग की बोधल में शराब ठेके की जांच में 2.75 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ई‑एफडीआर में गड़बड़ी सामने आई। यह ई‑एफडीआर, जो ठेके की वित्तीय वैधता दर्शाने के लिए जारी किया जाना था, फर्जी पाया गया।
जांच के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डिप्टी सीएम के पूर्व ओएसडी दीपम रायचूरा को निलंबित कर दिया। उनका निलंबन आगे की जांच के दौरान लागू रहेगा, ताकि फर्जी दस्तावेज़ में उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके।
बैंक ने बताया कि उन्होंने ई‑एफडीआर जारी करने से इनकार किया था, जिससे स्पष्ट होता है कि इस दस्तावेज़ का कोई वैध जमा नहीं था। यह मामला राज्य में शराब लाइसेंसिंग प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की चिंताओं को उजागर करता है।
राज्य प्राधिकरण ने कहा है कि फर्जी दस्तावेज़ के स्रोत का पता लगाने और शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट किया जाएगा। निलंबन जांच के दौरान प्रभावी रहेगा।
यह घटना भ्रष्टाचार विरोधी संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित कर रही है, जो इसे सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की कसौटी मान रहे हैं।
जांच के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डिप्टी सीएम के पूर्व ओएसडी दीपम रायचूरा को निलंबित कर दिया। उनका निलंबन आगे की जांच के दौरान लागू रहेगा, ताकि फर्जी दस्तावेज़ में उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके।
बैंक ने बताया कि उन्होंने ई‑एफडीआर जारी करने से इनकार किया था, जिससे स्पष्ट होता है कि इस दस्तावेज़ का कोई वैध जमा नहीं था। यह मामला राज्य में शराब लाइसेंसिंग प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की चिंताओं को उजागर करता है।
राज्य प्राधिकरण ने कहा है कि फर्जी दस्तावेज़ के स्रोत का पता लगाने और शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट किया जाएगा। निलंबन जांच के दौरान प्रभावी रहेगा।
यह घटना भ्रष्टाचार विरोधी संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित कर रही है, जो इसे सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की कसौटी मान रहे हैं।