📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस
मध्यप्रदेश में आबकारी कर से राजस्व में 11% की बढ़ोतरी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 13 अक्टू. 2026, 06:16 PM
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पहले छह महीनों में मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख विभागों ने 44,711 करोड़ रुपये की आय जुटाई, जो पिछले साल की तुलना में 11.37% अधिक है, जिसमें आबकारी कर ने सबसे बड़ा हिस्सा दिया।
मध्यप्रदेश वित्त मंत्रालय ने मध्यवित्तीय वर्ष 2024‑25 के पहले छह महीनों के राजस्व आंकड़े जारी किए, जिसमें तीन प्रमुख विभागों ने कुल 44,711 करोड़ रुपये एकत्रित किए। यह राशि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.37% अधिक है।
आबकारी कर ने सबसे अधिक योगदान दिया, जिससे कुल राजस्व में प्रमुख वृद्धि हुई। जबकि आबकारी संग्रह में उछाल आया, वाणिज्यिक कर संग्रहण की वृद्धि दर धीमी रही, जिससे राजस्व संरचना में बदलाव स्पष्ट हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि आबकारी कर में वृद्धि उपभोक्ता वस्तुओं की बढ़ती खपत और राज्य के कर प्रबंधन की सुदृढ़ कार्यवाही को दर्शाती है। वाणिज्यिक कर में धीमी गति से यह संकेत मिलता है कि व्यापारिक गतिविधियाँ तेज़ी के बाद स्थिर हो रही हैं।
समग्र रूप से, मध्यवित्तीय रिपोर्ट सरकार को बेहतर वित्तीय स्थिति प्रदान करती है, जिससे वर्ष के शेष हिस्से में विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।
आबकारी कर ने सबसे अधिक योगदान दिया, जिससे कुल राजस्व में प्रमुख वृद्धि हुई। जबकि आबकारी संग्रह में उछाल आया, वाणिज्यिक कर संग्रहण की वृद्धि दर धीमी रही, जिससे राजस्व संरचना में बदलाव स्पष्ट हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि आबकारी कर में वृद्धि उपभोक्ता वस्तुओं की बढ़ती खपत और राज्य के कर प्रबंधन की सुदृढ़ कार्यवाही को दर्शाती है। वाणिज्यिक कर में धीमी गति से यह संकेत मिलता है कि व्यापारिक गतिविधियाँ तेज़ी के बाद स्थिर हो रही हैं।
समग्र रूप से, मध्यवित्तीय रिपोर्ट सरकार को बेहतर वित्तीय स्थिति प्रदान करती है, जिससे वर्ष के शेष हिस्से में विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।