📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
स्थानीय
मुक्तिधाम न होने से सैपुरा में बुजुर्ग का अंतिम संस्कार प्लास्टिक शीट पर
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 सित. 2026, 09:29 PM
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टीकमगढ़ के सैपुरा गांव में बारिश के बीच एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार प्लास्टिक शीट पर हुआ, जो मुक्तिधाम की कमी को दर्शाता है।
शुक्रवार को सैपुरा गांव में भारी बारिश के बीच एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार प्लास्टिक शीट पर किया गया, क्योंकि गांव में मुक्तिधाम नहीं है।
बारिश से जमीन गीली और फिसलन भरी हो गई, जिससे कब्र खोदना असंभव हो गया। स्थानीय लोगों ने तात्कालिक रूप से प्लास्टिक शीट पर शव रखकर अनुष्ठान पूरा किया।
सैपुरा को लंबे समय से मुक्तिधाम की आवश्यकता है, जो राज्य कानून के तहत अनिवार्य है। परियोजना लगातार विलंबित रही है, जिसके कारण निवासियों को अस्थायी तरीकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
समुदाय ने निराशा व्यक्त की, यह कहते हुए कि उचित कब्रिस्तान के बिना शोक समारोह गरिमापूर्ण नहीं हो पाते और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं। इस घटना ने सरकार से मुक्तिधाम परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग को फिर से तेज कर दिया है।
बारिश से जमीन गीली और फिसलन भरी हो गई, जिससे कब्र खोदना असंभव हो गया। स्थानीय लोगों ने तात्कालिक रूप से प्लास्टिक शीट पर शव रखकर अनुष्ठान पूरा किया।
सैपुरा को लंबे समय से मुक्तिधाम की आवश्यकता है, जो राज्य कानून के तहत अनिवार्य है। परियोजना लगातार विलंबित रही है, जिसके कारण निवासियों को अस्थायी तरीकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
समुदाय ने निराशा व्यक्त की, यह कहते हुए कि उचित कब्रिस्तान के बिना शोक समारोह गरिमापूर्ण नहीं हो पाते और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं। इस घटना ने सरकार से मुक्तिधाम परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग को फिर से तेज कर दिया है।