📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A. J. T. Johnsingh, WWF-India and NCF
राजनीति
मध्यप्रदेश ने राजस्थान के साथ कुनो‑गांधी सागर चीता कॉरिडोर पर सहयोग से इनकार किया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 16 अक्टू. 2026, 06:36 AM
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मध्यप्रदेश ने राजस्थान के साथ कुनो‑गांधी सागर को जोड़ने वाले अंतरराज्यीय चीता कॉरिडोर योजना में भागीदारी से इनकार कर दिया, जिससे राजस्थान की परियोजना पर असर पड़ा है।
मध्यप्रदेश और राजस्थान ने कूनो अभयारण्य को गांधी सागर क्षेत्र से जोड़ने वाले अंतरराज्यीय वन्यजीव कॉरिडोर की योजना पर चर्चा की थी, जिसका उद्देश्य पुनःप्रवेशित चीते के लिए सुरक्षित मार्ग बनाना था।
हाल ही में मध्यप्रदेश ने इस कॉरिडोर के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। इस निर्णय से राजस्थान की चीता कॉरिडोर योजना को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।
राज्य के इस कदम से परियोजना के बजट और समय‑सीमा पर असर पड़ सकता है, हालांकि इनकार के विशिष्ट कारणों को सार्वजनिक नहीं किया गया। अब यह देखना होगा कि राजस्थान अकेले आगे बढ़ेगा या वैकल्पिक उपाय खोजेगा।
वन्यजीव संरक्षण के हितधारक इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि यह कॉरिडोर मध्य भारत में पुनःप्रवेशित चीते की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिये महत्वपूर्ण माना जाता है।
हाल ही में मध्यप्रदेश ने इस कॉरिडोर के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। इस निर्णय से राजस्थान की चीता कॉरिडोर योजना को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।
राज्य के इस कदम से परियोजना के बजट और समय‑सीमा पर असर पड़ सकता है, हालांकि इनकार के विशिष्ट कारणों को सार्वजनिक नहीं किया गया। अब यह देखना होगा कि राजस्थान अकेले आगे बढ़ेगा या वैकल्पिक उपाय खोजेगा।
वन्यजीव संरक्षण के हितधारक इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि यह कॉरिडोर मध्य भारत में पुनःप्रवेशित चीते की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिये महत्वपूर्ण माना जाता है।