📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
उज्जैन में भुजरिया पर्व पर छड़ी पूजन, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा पीएम मोदी ने भारत की गौरवशाली परंपराओं को पुनर्जीवित किया
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 29 अग. 2026, 03:37 PM
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में भुजरिया पर्व के छड़ी पूजन में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने की सराहना की।
उज्जैन, मध्य प्रदेश – भुजरिया पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्थानीय मंदिर में आयोजित छड़ी पूजन समारोह में भाग लिया। इस पारम्परिक अनुष्ठान में श्रद्धालु और कई सरकारी अधिकारी उपस्थित थे, जो इस क्षेत्र के सांस्कृतिक कैलेंडर में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
भाषण के दौरान यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक परम्पराओं के पुनरुत्थान को उजागर किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तहत देश में आध्यात्मिक चेतना का विस्तार हो रहा है, जो भारत की ऐतिहासिक मूल्यों के साथ सामंजस्य स्थापित करता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विरासत को संरक्षित करना और राष्ट्रीय गर्व को बढ़ावा देना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे सांस्कृतिक उत्सवों में सक्रिय भागीदारी की अपील की, यह बताते हुए कि ये कार्यक्रम प्राचीन विरासत और आधुनिक समाज के बीच सेतु का काम करते हैं।
छड़ी पूजन के अंत में पारम्परिक प्रार्थनाएँ और प्रसाद वितरण हुआ, जिससे इस धार्मिक उत्सव की महत्ता और मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत राजनीतिक संदेश दोनों को बल मिला।
भाषण के दौरान यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक परम्पराओं के पुनरुत्थान को उजागर किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तहत देश में आध्यात्मिक चेतना का विस्तार हो रहा है, जो भारत की ऐतिहासिक मूल्यों के साथ सामंजस्य स्थापित करता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विरासत को संरक्षित करना और राष्ट्रीय गर्व को बढ़ावा देना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे सांस्कृतिक उत्सवों में सक्रिय भागीदारी की अपील की, यह बताते हुए कि ये कार्यक्रम प्राचीन विरासत और आधुनिक समाज के बीच सेतु का काम करते हैं।
छड़ी पूजन के अंत में पारम्परिक प्रार्थनाएँ और प्रसाद वितरण हुआ, जिससे इस धार्मिक उत्सव की महत्ता और मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत राजनीतिक संदेश दोनों को बल मिला।