📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा, कौशल है नई मुद्रा, नवाचार से बनेगा नया अर्थव्यवस्था
✍️ newsonair.gov.in
🗓 18 सित. 2026, 08:31 PM
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कौशल नई मुद्रा बन गया है और नवाचार से मध्य प्रदेश की नई अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज के बदलते समय में कौशल विकास सबसे मूल्यवान संपत्ति बन गया है, जिसे उन्होंने नई मुद्रा के रूप में तुलना की। एक आर्थिक मंच पर उन्होंने बताया कि आधुनिक क्षमताओं से सुसज्जित कार्यबल निवेश को आकर्षित कर सकता है और उत्पादनशीलता बढ़ा सकता है।
यादव ने कहा कि नवाचार को कौशल निर्माण के साथ मिलाकर "नई अर्थव्यवस्था" का निर्माण करना आवश्यक है, जो स्थायी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी हो। उन्होंने राज्य एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के साझेदारों को अपस्किलिंग कार्यक्रमों और प्रौद्योगिकी अपनाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए फंडिंग बढ़ाने और पारंपरिक उद्योगों में डिजिटल उपकरणों को शामिल करने वाले पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना भी घोषित की। उनका कहना है कि ये कदम मध्य प्रदेश को कुशल प्रतिभा और नवाचारी उद्यमों का केंद्र बनाने की दिशा में हैं।
हितधारकों ने इस बयान का स्वागत किया, यह कहते हुए कि कौशल विकास को नवाचार से जोड़ने से बेरोजगारी कम हो सकती है और आर्थिक विकास को गति मिल सकती है। सरकार अगले चरण में विस्तृत नीति मसौदे और उद्योग नेताओं के साथ परामर्श करेगी।
यादव ने कहा कि नवाचार को कौशल निर्माण के साथ मिलाकर "नई अर्थव्यवस्था" का निर्माण करना आवश्यक है, जो स्थायी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी हो। उन्होंने राज्य एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के साझेदारों को अपस्किलिंग कार्यक्रमों और प्रौद्योगिकी अपनाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए फंडिंग बढ़ाने और पारंपरिक उद्योगों में डिजिटल उपकरणों को शामिल करने वाले पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना भी घोषित की। उनका कहना है कि ये कदम मध्य प्रदेश को कुशल प्रतिभा और नवाचारी उद्यमों का केंद्र बनाने की दिशा में हैं।
हितधारकों ने इस बयान का स्वागत किया, यह कहते हुए कि कौशल विकास को नवाचार से जोड़ने से बेरोजगारी कम हो सकती है और आर्थिक विकास को गति मिल सकती है। सरकार अगले चरण में विस्तृत नीति मसौदे और उद्योग नेताओं के साथ परामर्श करेगी।