📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President of India
शिक्षा
एमपी कैबिनेट ने RGPV को तीन क्षेत्रीय तकनीकी विश्वविद्यालयों में विभाजित करने और राजीव गांधी नाम हटाने को मंजूरी दी
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 01 सित. 2026, 02:33 PM
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एमपी कैबिनेट ने मोहन यादव के नेतृत्व में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन स्वतंत्र क्षेत्रीय तकनीकी एवं कौशल विश्वविद्यालयों में बाँटने और उसके नाम से राजीव गांधी को हटाने की योजना को मंजूरी दी।
एमपी कैबिनेट ने राज्य के प्रमुख तकनीकी संस्थान, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय को तीन अलग‑अलग क्षेत्रीय इकाइयों में बाँटने का है, जिनका ध्यान तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर रहेगा।
स्वीकृत योजना के तहत मौजूदा RGPV का नाम बदल दिया जाएगा और राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में तीन स्वतंत्र क्षेत्रीय तकनीकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से "राजीव गांधी" शब्द को विश्वविद्यालय के नाम से हटाया जाएगा, जो एक महत्वपूर्ण ब्रांडिंग परिवर्तन है।
संरचनात्मक बदलावों के साथ, कैबिनेट ने यह भी घोषणा की कि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी साई मनोहर को मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया जाएगा, ताकि उच्च शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े मुद्दों पर मार्गदर्शन दिया जा सके।
यह निर्णय तकनीकी शिक्षा को विकेंद्रीकृत करने, स्थानीय उद्योग की जरूरतों के अनुसार संस्थानों को ढालने और राज्य की कुशल स्नातकों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आशा रखता है।
शिक्षक, छात्र और अन्य हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस परिवर्तन प्रक्रिया में सहयोग दें, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में न्यूनतम व्यवधान हो।
स्वीकृत योजना के तहत मौजूदा RGPV का नाम बदल दिया जाएगा और राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में तीन स्वतंत्र क्षेत्रीय तकनीकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से "राजीव गांधी" शब्द को विश्वविद्यालय के नाम से हटाया जाएगा, जो एक महत्वपूर्ण ब्रांडिंग परिवर्तन है।
संरचनात्मक बदलावों के साथ, कैबिनेट ने यह भी घोषणा की कि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी साई मनोहर को मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया जाएगा, ताकि उच्च शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े मुद्दों पर मार्गदर्शन दिया जा सके।
यह निर्णय तकनीकी शिक्षा को विकेंद्रीकृत करने, स्थानीय उद्योग की जरूरतों के अनुसार संस्थानों को ढालने और राज्य की कुशल स्नातकों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आशा रखता है।
शिक्षक, छात्र और अन्य हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस परिवर्तन प्रक्रिया में सहयोग दें, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में न्यूनतम व्यवधान हो।