📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
रक्षा
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सशस्त्र सेवाओं में 20% क्षैतिज आरक्षण मंजूर किया
✍️ The Times of India
🗓 29 सित. 2026, 10:46 PM
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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने सभी सशस्त्र सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% क्षैतिज आरक्षण मंजूर किया, जिससे उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मध्य प्रदेश राज्य कैबिनेट ने सभी सशस्त्र सेवाओं, जैसे पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और अन्य केंद्र एवं राज्य सुरक्षा एजेंसियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% क्षैतिज आरक्षण देने की नीति को मंजूरी दी है। यह निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना के अग्निवीर योजना से सेवा समाप्त करने वाले सैनिकों को रोजगार के लिए एक निर्धारित हिस्सेदारी प्रदान करना है।
क्षैतिज आरक्षण का अर्थ है कि यह 20% कोटा सभी पदों में समान रूप से लागू होगा, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षण वर्गों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पूर्व अग्निवीरों को नागरिक सुरक्षा पदों में स्थानांतरण आसान होगा और उनके रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेंगी।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह नीति प्रत्येक सेवा के मौजूदा भर्ती चैनलों के माध्यम से लागू की जाएगी, और पात्रता मानदंड संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित किए जाएंगे। कैबिनेट की इस मंजूरी से सरकार की पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मानित करने और उनके बाद के रोजगार आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
यह घोषणा प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है और संबंधित सशस्त्र एजेंसियों को शीघ्र कार्यवाही के लिए निर्देशित किया जाएगा।
क्षैतिज आरक्षण का अर्थ है कि यह 20% कोटा सभी पदों में समान रूप से लागू होगा, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षण वर्गों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पूर्व अग्निवीरों को नागरिक सुरक्षा पदों में स्थानांतरण आसान होगा और उनके रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेंगी।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह नीति प्रत्येक सेवा के मौजूदा भर्ती चैनलों के माध्यम से लागू की जाएगी, और पात्रता मानदंड संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित किए जाएंगे। कैबिनेट की इस मंजूरी से सरकार की पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मानित करने और उनके बाद के रोजगार आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
यह घोषणा प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है और संबंधित सशस्त्र एजेंसियों को शीघ्र कार्यवाही के लिए निर्देशित किया जाएगा।