📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध
मध्य प्रदेश में दो शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द, सरपंच पर 7.49 लाख की गबन के आरोप
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 14 सित. 2026, 08:00 AM
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राज्य प्रशासन ने दो शराब दुकानों के कंपोजिट लाइसेंस और हथियार लाइसेंस रद्द कर दिए और 7.49 लाख रुपये के गबन के मामले में सरपंच के अधिकार स्थगित कर दिए।
मध्य प्रदेश प्रशासन ने दो शराब दुकानों के कंपोजिट लाइसेंस रद्द कर दिए और इनके साथ जुड़े हथियार लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया, यह कदम अवैध शराब व्यापार को रोकने के लिए उठाया गया। जांच में यह पाया गया कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में कई नियमों का उल्लंघन हुआ था और वित्तीय अनियमितताएँ भी सामने आईं।
अधिकारियों ने बताया कि निरस्त किए गए लाइसेंसों में आवश्यक दस्तावेज़ीकरण की कमी थी और हथियार लाइसेंस सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा था। यह कार्रवाई उस घातक शराब के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से की गई है, जिसके कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़े थे।
इसी समय, जिला प्रशासन ने 7.49 लाख रुपये के गबन के आरोप में सरपंच के अधिकारों को स्थगित कर दिया। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दायर इस मामले में सरपंच को तत्काल पदस्थ किया गया और आगे की जांच के लिए हिरासत में रखा गया।
प्रशासन ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को स्थिति की कड़ी निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया गया है और भ्रष्टाचार व अवैध व्यापार के खिलाफ शून्य सहनशीलता का संदेश दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि निरस्त किए गए लाइसेंसों में आवश्यक दस्तावेज़ीकरण की कमी थी और हथियार लाइसेंस सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा था। यह कार्रवाई उस घातक शराब के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से की गई है, जिसके कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़े थे।
इसी समय, जिला प्रशासन ने 7.49 लाख रुपये के गबन के आरोप में सरपंच के अधिकारों को स्थगित कर दिया। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दायर इस मामले में सरपंच को तत्काल पदस्थ किया गया और आगे की जांच के लिए हिरासत में रखा गया।
प्रशासन ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को स्थिति की कड़ी निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया गया है और भ्रष्टाचार व अवैध व्यापार के खिलाफ शून्य सहनशीलता का संदेश दिया गया है।