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मडगाव: भारत निर्वाचन आयोग के व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचन सहभागिता (SVEEP) कार्यक्रम के अंतर्गत श्री गोविंद रामनाथ करे कॉलेज ऑफ लॉ,
इस सत्र में 31- मडगाव विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), बूथ लेवल अधिकारी (BLO), कॉलेज के प्राचार्य, ELC नोडल अधिकारी तथा मड
मडगाव: भारत निर्वाचन आयोग के व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचन सहभागिता (SVEEP) कार्यक्रम के अंतर्गत श्री गोविंद रामनाथ करे कॉलेज ऑफ लॉ, श्री दामोदर शैक्षणिक परिसर, कोम्बा, मडगाव में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) और ECINET को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
इस सत्र में 31- मडगाव विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), बूथ लेवल अधिकारी (BLO), कॉलेज के प्राचार्य, ELC नोडल अधिकारी तथा मडगाव क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के कैंपस एंबेसडर शामिल हुए।
मास्टर ट्रेनर श्री डिक्सन डी’कोस्टा ने सत्र का संचालन किया। उन्होंने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की स्थापना एवं कार्यप्रणाली के साथ-साथ ECINET के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम में कुल 105 विद्यार्थियों और 7 नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को अपने मतदान अधिकारों का निर्भीकता और नैतिकता के साथ उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना, युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना तथा चुनावी प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर “हर वोट महत्वपूर्ण है, कोई भी मतदाता पीछे न छूटे” के सिद्धांत पर जोर दिया गया।
इस सत्र में 31- मडगाव विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), बूथ लेवल अधिकारी (BLO), कॉलेज के प्राचार्य, ELC नोडल अधिकारी तथा मडगाव क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के कैंपस एंबेसडर शामिल हुए।
मास्टर ट्रेनर श्री डिक्सन डी’कोस्टा ने सत्र का संचालन किया। उन्होंने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की स्थापना एवं कार्यप्रणाली के साथ-साथ ECINET के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम में कुल 105 विद्यार्थियों और 7 नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को अपने मतदान अधिकारों का निर्भीकता और नैतिकता के साथ उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना, युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना तथा चुनावी प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर “हर वोट महत्वपूर्ण है, कोई भी मतदाता पीछे न छूटे” के सिद्धांत पर जोर दिया गया।