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25 सित. 2026•
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गीतकार मेहबूब ने 'स्कूल चले हम' गान की कहानी बताई
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन

गीतकार मेहबूब ने 'स्कूल चले हम' गान की कहानी बताई

✍️ Mid-Day 🗓 31 अग. 2026, 08:18 AM 👁 25
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'स्कूल चले हम' गाने के गीतकार मेहबूब ने मिड‑डे के साथ हुए साक्षात्कार में इस गान की उत्पत्ति और प्रेरणा बताई।

प्रसिद्ध गीतकार मेहबूब, जिन्होंने सर्वत्र लोकप्रिय स्कूल गान "स्कूल चले हम" लिखा, ने मिड‑डे के साथ हुए साक्षात्कार में इस गाने की उत्पत्ति बताई। उन्होंने बताया कि यह रचना स्कूल जीवन की आशा और मित्रता को दर्शाने के उद्देश्य से बनाई गई थी, जिससे देश के हर छात्र‑छात्रा के दिल में गूँज सके।

मेहबूब ने कहा कि गाने के शब्द उनके अपने स्कूल के दिनों की यादों से उभरे, जहाँ सीखने की भावना और साथ‑साथ चलने का जोश उन्हें प्रेरित करता रहा। उन्होंने सरल लेकिन उत्साहवर्धक शब्दों को चुनने पर ज़ोर दिया, ताकि छोटे‑छोटे बच्चों द्वारा आसानी से गाया जा सके।

साक्षात्कार में यह भी उजागर हुआ कि यह गान जल्दी ही स्कूल सभाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अनिवार्य बन गया, जिससे यह भारतीय शैक्षिक संस्कृति का प्रतीक बन गया। मेहबूब ने गाने की निरंतर लोकप्रियता और यह युवा यादों को आकार देने में निभाए भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया।

हालाँकि नई संस्करण या रिलीज़ की कोई घोषणा नहीं हुई, मेहबूब ने भारतीय युवाओं और शिक्षा को समर्पित रचनाएँ बनाते रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

"स्कूल चले हम" के पीछे की कहानी इस गाने को एक व्यक्तिगत दृष्टिकोण देती है, जिससे श्रोताओं को इस प्रतिष्ठित गान के सृजन प्रक्रिया की झलक मिलती है।
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