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अपराध
लखनऊ क्राइम ब्रांच ने SIM बॉक्स रैकेट पर तकनीकी जांच तेज की, 192 ई-सिम जब्त
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🗓 03 नव. 2026, 09:37 AM
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लखनऊ क्राइम ब्रांच ने SIM बॉक्स रैकेट पर तकनीकी जांच तेज की, 192 ई‑सिम जब्त की और चीनी‑निर्मित उपकरणों की जाँच की।
लखनऊ क्राइम ब्रांच ने शहर में चल रहे SIM बॉक्स रैकेट पर तकनीकी जांच तेज कर दी है। इस ऑपरेशन में 192 ई‑सिम जब्त की गईं, जिनका उपयोग अवैध कॉल रूटिंग के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा चीनी‑निर्मित उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया, जो इस योजना में शामिल माने जाते हैं।
जांच का मुख्य फोकस फर्जी कॉल रूटिंग में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर है। जब्त की गई ई‑सिम्स पर फिंगरप्रिंट्स का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि उन्हें ज्ञात धोखाधड़ी नेटवर्क से जोड़ा जा सके। क्राइम ब्रांच ने टेलीकॉम नियामकों के साथ मिलकर ट्रैफिक फ्लो का पता लगाने का काम भी शुरू किया है।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को अधिक शुल्क से बचाने और टेलीकॉम सेक्टर की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। जांच के आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियों की उम्मीद है।
सार्वजनिक से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध SIM बॉक्स गतिविधि की सूचना दें और अधिकारियों को आश्वासन दिया गया है कि सबूतों को उचित प्रक्रिया के साथ संभाला जाएगा।
यह मामला भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में लगातार चल रहे SIM बॉक्स धोखाधड़ी के प्रति बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
जांच का मुख्य फोकस फर्जी कॉल रूटिंग में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर है। जब्त की गई ई‑सिम्स पर फिंगरप्रिंट्स का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि उन्हें ज्ञात धोखाधड़ी नेटवर्क से जोड़ा जा सके। क्राइम ब्रांच ने टेलीकॉम नियामकों के साथ मिलकर ट्रैफिक फ्लो का पता लगाने का काम भी शुरू किया है।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को अधिक शुल्क से बचाने और टेलीकॉम सेक्टर की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। जांच के आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियों की उम्मीद है।
सार्वजनिक से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध SIM बॉक्स गतिविधि की सूचना दें और अधिकारियों को आश्वासन दिया गया है कि सबूतों को उचित प्रक्रिया के साथ संभाला जाएगा।
यह मामला भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में लगातार चल रहे SIM बॉक्स धोखाधड़ी के प्रति बढ़ती चिंता को दर्शाता है।