📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhrajyoti07
मौसम
लो प्रेशर सिस्टम ने कोलकाता के कई क्षेत्रों में भारी बारिश अलर्ट जारी किया
✍️ Asianet Newsable
🗓 30 अग. 2026, 06:49 PM
👁 5
बंगाल की खाड़ी में घूम रहे लो प्रेशर सिस्टम के कारण भारतीय मौसम विभाग ने कोलकाता के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
भारतीय मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया की पहचान की है, जो अगले 24‑48 घंटों में कोलकाता क्षेत्र की ओर बढ़ेगा। मौसम मॉडल दर्शाते हैं कि यह प्रणाली शहर और उसके उपनगरों में लगातार भारी बारिश लाएगी।
विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों को भारी बारिश अलर्ट के तहत रखा है, जिससे स्थानीय स्तर पर बाढ़, जलभराव और सड़कों पर दृश्यता घटने की संभावना है। अधिकारियों ने यात्रियों से सतर्क रहने, गैर‑जरूरी यात्रा से बचने और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अपडेट का पालन करने का अनुरोध किया है।
विभाग मौसम प्रणाली की निरंतर निगरानी करेगा और स्थिति के अनुसार अतिरिक्त सलाह जारी करेगा। निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखने, निचले स्तर के क्षेत्रों से दूर रहने और निकासी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में वर्षा की तीव्रता 50 mm प्रति घंटे से अधिक हो सकती है, जिससे दैनिक गतिविधियों और सार्वजनिक परिवहन पर असर पड़ सकता है। अलर्ट तब तक जारी रहेगा जब तक प्रणाली कमजोर होकर क्षेत्र से दूर नहीं हो जाती।
भारतीय मौसम विभाग अपने आधिकारिक चैनलों और स्थानीय मीडिया के माध्यम से समय‑समय पर बुलेटिन जारी करेगा, जिससे जनता को मौसम के बदलावों की जानकारी मिलती रहे।
विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों को भारी बारिश अलर्ट के तहत रखा है, जिससे स्थानीय स्तर पर बाढ़, जलभराव और सड़कों पर दृश्यता घटने की संभावना है। अधिकारियों ने यात्रियों से सतर्क रहने, गैर‑जरूरी यात्रा से बचने और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अपडेट का पालन करने का अनुरोध किया है।
विभाग मौसम प्रणाली की निरंतर निगरानी करेगा और स्थिति के अनुसार अतिरिक्त सलाह जारी करेगा। निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखने, निचले स्तर के क्षेत्रों से दूर रहने और निकासी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में वर्षा की तीव्रता 50 mm प्रति घंटे से अधिक हो सकती है, जिससे दैनिक गतिविधियों और सार्वजनिक परिवहन पर असर पड़ सकता है। अलर्ट तब तक जारी रहेगा जब तक प्रणाली कमजोर होकर क्षेत्र से दूर नहीं हो जाती।
भारतीय मौसम विभाग अपने आधिकारिक चैनलों और स्थानीय मीडिया के माध्यम से समय‑समय पर बुलेटिन जारी करेगा, जिससे जनता को मौसम के बदलावों की जानकारी मिलती रहे।