📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indopug
राजनीति
आगामी चुनावों से पहले अखिलेश यादव के साथ लोहिया ट्रस्ट का महत्व बढ़ा
✍️ Bhaskar English
🗓 19 सित. 2026, 08:01 AM
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2016 के बाद से किनारे पर रहे लोहिया ट्रस्ट ने चुनावी मौसम के करीब आते ही अखिलेश यादव को समर्थन देने में सक्रिय भूमिका अपनाई है।
लोहिया ट्रस्ट, जो समाजवादी पार्टी से जुड़ा एक चैरिटेबल संस्थान है, 2016 के बाद से राजनीतिक गतिविधियों में काफी हद तक निष्क्रिय रहा। कई वर्षों तक इसने सामाजिक कार्यों तक ही सीमित रहकर राज्य चुनावों में कम ही दिखाई दिया।
हाल के हफ्तों में पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट को फिर से राजनीतिक मोर्चे पर लाया गया है, जहाँ अखिलेश यादव ने इसके नेतृत्व को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह कदम जमीनी स्तर पर समर्थन को मजबूत करने और आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले ट्रस्ट के स्वयंसेवकों के नेटवर्क को सक्रिय करने के उद्देश्य से किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रस्ट की पुनः सक्रियता समाजवादी पार्टी की पहुंच को विशेषकर उन युवा और ग्रामीण वर्गों में बढ़ा सकती है, जहाँ ट्रस्ट शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाता है। यह समयसारिणी पार्टी की संगठनात्मक नींव को मतदाताओं के सामने मजबूत करने के एक रणनीतिक प्रयास को दर्शाती है।
हाल के हफ्तों में पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट को फिर से राजनीतिक मोर्चे पर लाया गया है, जहाँ अखिलेश यादव ने इसके नेतृत्व को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह कदम जमीनी स्तर पर समर्थन को मजबूत करने और आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले ट्रस्ट के स्वयंसेवकों के नेटवर्क को सक्रिय करने के उद्देश्य से किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रस्ट की पुनः सक्रियता समाजवादी पार्टी की पहुंच को विशेषकर उन युवा और ग्रामीण वर्गों में बढ़ा सकती है, जहाँ ट्रस्ट शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाता है। यह समयसारिणी पार्टी की संगठनात्मक नींव को मतदाताओं के सामने मजबूत करने के एक रणनीतिक प्रयास को दर्शाती है।