📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian gov
स्थानीय
उत्तarakhand की कोसी नदी को बचाने में अग्रणी बासंती देवी
✍️ News9live
🗓 08 नव. 2026, 12:46 AM
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उत्तarakhand की बासंती देवी को कोसी नदी की सुरक्षा में किए गए स्थानीय प्रयासों के लिए सराहा गया है।
उत्तarakhand की बासंती देवी, जो कई वर्षों से इस क्षेत्र में रहती हैं, कोसी नदी को बचाने के संघर्ष में प्रमुख चेहरा बन गई हैं। जब नदी की बिगड़ती स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी, तो उन्होंने सक्रिय भागीदारी शुरू की।
कोसी नदी, जो राज्य के कई जिलों से होकर बहती है, को अपर्याप्त कटाव, कचरे के जल निकास और मौसमी बाढ़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों और पर्यावरण संगठनों ने अधिकारियों से स्थायी जल‑प्रबंधन उपायों की मांग की है।
देवी ने गाँव वालों को संगठित किया, नदी किनारे सफाई अभियानों का आयोजन किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर संरक्षण की आवश्यकता को उजागर किया। उनके प्रयासों से समुदाय की ऊर्जा को समन्वित कार्यों में बदला गया, जिससे प्रदूषण कम करने और नदी के किनारों को सुदृढ़ करने में मदद मिली।
स्थानीय प्रशासन ने उनके योगदान को सराहा है और कहा है कि बासंती जैसी नागरिक‑आधारित पहलें कोसी नदी के दीर्घकालिक पारिस्थितिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। नागरिकों की निरंतर भागीदारी से संरक्षण योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कोसी नदी, जो राज्य के कई जिलों से होकर बहती है, को अपर्याप्त कटाव, कचरे के जल निकास और मौसमी बाढ़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों और पर्यावरण संगठनों ने अधिकारियों से स्थायी जल‑प्रबंधन उपायों की मांग की है।
देवी ने गाँव वालों को संगठित किया, नदी किनारे सफाई अभियानों का आयोजन किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर संरक्षण की आवश्यकता को उजागर किया। उनके प्रयासों से समुदाय की ऊर्जा को समन्वित कार्यों में बदला गया, जिससे प्रदूषण कम करने और नदी के किनारों को सुदृढ़ करने में मदद मिली।
स्थानीय प्रशासन ने उनके योगदान को सराहा है और कहा है कि बासंती जैसी नागरिक‑आधारित पहलें कोसी नदी के दीर्घकालिक पारिस्थितिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। नागरिकों की निरंतर भागीदारी से संरक्षण योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।