📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
बिज़नेस
LG सिन्हा: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स अगले दशक में जम्मू-कश्मीर के उद्योग को बढ़ाएंगे
✍️ Greater Kashmir
🗓 11 अक्टू. 2026, 12:36 AM
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LG सिन्हा ने कहा कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जम्मू‑कश्मीर में अगले दस वर्षों में औद्योगिक विकास को तेज करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
जम्मू‑कश्मीर के आर्थिक नियोजन में शामिल वरिष्ठ अधिकारी एलजी सिन्हा ने कहा कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) अगले दशक में क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि GCCs बहुराष्ट्रीय कंपनियों को घाटी में लाकर उच्च‑कौशल रोजगार सृजित कर सकते हैं और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ सकते हैं।
हाल ही में आयोजित एक उद्योग मंच में सिन्हा ने नीति प्रोत्साहन, बुनियादी ढाँचे का उन्नयन और कौशल विकास कार्यक्रमों को मिलाकर GCCs को आकर्षित करने के लिए एक समन्वित रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन कंपनियों को कर रियायतें और तेज़ मंजूरी जैसी सुविधाएँ देने के लिए तैयार है जो ऐसे केंद्र स्थापित करें।
यदि यह योजना सफल होती है, तो GCCs की प्रविष्टि जम्मू‑कश्मीर की आर्थिक आधारभूत संरचना को विविधीकृत कर सकती है, पारंपरिक क्षेत्रों से परे ले जा सकती है और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
हाल ही में आयोजित एक उद्योग मंच में सिन्हा ने नीति प्रोत्साहन, बुनियादी ढाँचे का उन्नयन और कौशल विकास कार्यक्रमों को मिलाकर GCCs को आकर्षित करने के लिए एक समन्वित रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन कंपनियों को कर रियायतें और तेज़ मंजूरी जैसी सुविधाएँ देने के लिए तैयार है जो ऐसे केंद्र स्थापित करें।
यदि यह योजना सफल होती है, तो GCCs की प्रविष्टि जम्मू‑कश्मीर की आर्थिक आधारभूत संरचना को विविधीकृत कर सकती है, पारंपरिक क्षेत्रों से परे ले जा सकती है और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।