📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pixel009
स्थानीय
इंदौर के फार्म विला कॉलोनी में तेंदुआ दिखा, रहवासी दहशत में
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 21 सित. 2026, 02:31 PM
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इंदौर के बिहाड़िया स्थित फार्म विला कॉलोनी में रविवार रात तेंदुआ घुसने से रहवासी दहशत में, वन विभाग ने खोज ऑपरेशन शुरू किया।
इंदौर के बिहाड़िया ग्राम पंचायत में स्थित फार्म विला कॉलोनी में रविवार रात एक तेंदुआ घुसने से रहवासी दहशत में पड़ गए। कई निवासियों ने झड़प की आवाज़ सुनी और तेंदुए को अपने घर के पास चलते देखा, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बचते रहे।
यह तेंदुआ पहले 16 और 18 सितंबर को सीसीटीवी में दर्ज हुआ था, जिससे पता चलता है कि यह कई दिनों से इस क्षेत्र के निकट घूम रहा था। हालांकि यह पहली बार था जब तेंदुए को निजी आवासीय परिसर में प्रवेश करते देखा गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खोज‑ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों ने प्रभावित ब्लॉकों को घेर लिया, टॉर्च और प्रशिक्षित कुत्तों का उपयोग करके तेंदुए की तलाश की और निवासियों को घर के अंदर रहने की सलाह दी।
वन विभाग ने लोगों से अनुरोध किया कि रात में बाहर न निकलें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की तुरंत सूचना दें। तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़ने या पुनर्वास करने के लिए पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न हो।
यह घटना शहरी विस्तार और वन्यजीव आवास के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है, जिससे इंदौर के किनारे वाले क्षेत्रों में बेहतर बाड़ और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
यह तेंदुआ पहले 16 और 18 सितंबर को सीसीटीवी में दर्ज हुआ था, जिससे पता चलता है कि यह कई दिनों से इस क्षेत्र के निकट घूम रहा था। हालांकि यह पहली बार था जब तेंदुए को निजी आवासीय परिसर में प्रवेश करते देखा गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खोज‑ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों ने प्रभावित ब्लॉकों को घेर लिया, टॉर्च और प्रशिक्षित कुत्तों का उपयोग करके तेंदुए की तलाश की और निवासियों को घर के अंदर रहने की सलाह दी।
वन विभाग ने लोगों से अनुरोध किया कि रात में बाहर न निकलें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की तुरंत सूचना दें। तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़ने या पुनर्वास करने के लिए पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न हो।
यह घटना शहरी विस्तार और वन्यजीव आवास के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है, जिससे इंदौर के किनारे वाले क्षेत्रों में बेहतर बाड़ और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।