📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Narendra Modi
बिज़नेस
भूमि और व्यापार सुधार भारत की नई विकास दिशा तय करेंगे
✍️ Business Standard
🗓 17 अग. 2026, 06:28 AM
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भारत सरकार ने आने वाले विकास चरण के लिए भूमि और व्यापार सुधार को प्रमुख चालक बताया है।
भारत के नेतृत्व ने भूमि और व्यापार सुधार को देश के अगले विकास चरण की आधारशिला बताया है। सरकार की रणनीति में भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के लिए नौकरशाही बाधाओं को कम करना शामिल है।
मुख्य पहल में भूमि पंजीकरण को सुव्यवस्थित करना, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड लागू करना और वर्तमान में समय पर परियोजना अनुमोदनों को रोकने वाले नियमों को कड़ा करना शामिल है। इन सुधारों से व्यवसायों को तेज़ी से भूमि और स्पष्ट नियामक मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि ये बदलाव अगले पाँच वर्षों में देश के जीडीपी वृद्धि को 1.5% तक बढ़ा सकते हैं, क्योंकि व्यवसायों को भूमि और नियामक स्पष्टता तक बेहतर पहुँच मिलेगी।
ये सुधार भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं, जिसमें सरकार विश्व बैंक के 'बिज़नेस करने की आसानी' सूचकांक में उच्च रैंकिंग का लक्ष्य रखती है।
मुख्य पहल में भूमि पंजीकरण को सुव्यवस्थित करना, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड लागू करना और वर्तमान में समय पर परियोजना अनुमोदनों को रोकने वाले नियमों को कड़ा करना शामिल है। इन सुधारों से व्यवसायों को तेज़ी से भूमि और स्पष्ट नियामक मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि ये बदलाव अगले पाँच वर्षों में देश के जीडीपी वृद्धि को 1.5% तक बढ़ा सकते हैं, क्योंकि व्यवसायों को भूमि और नियामक स्पष्टता तक बेहतर पहुँच मिलेगी।
ये सुधार भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं, जिसमें सरकार विश्व बैंक के 'बिज़नेस करने की आसानी' सूचकांक में उच्च रैंकिंग का लक्ष्य रखती है।