Defence
LAC पर भारत और चीन के बीच तनाव जारी, आईटीबीपी ने तैनात किए 'शौर्य कमांडो'
आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जुलाई से चीनी सैनिकों के साथ गतिरोध बना हुआ है।
आईटीबीपी के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत कपूर ने राजस्थान के अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी कि अरुणाचल प्रदेश की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पुष्टि की कि जुलाई महीने से कई स्थानों पर झड़पें और आमने-सामने की स्थितियां जारी हैं।
महानिदेशक के अनुसार, ऊपरी सुबनसरी जिले के असाफिला, माजा और तक्सिंग जैसे क्षेत्रों में चीनी सैनिकों द्वारा पेट्रोलिंग को लेकर गतिरोध देखा गया है, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ा है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए आईटीबीपी ने अपनी नई लड़ाकू इकाई 'शौर्य कमांडो' को तैयार किया है, जिसने इन झड़पों के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भविष्य की युद्ध रणनीतियों पर चर्चा करते हुए आईटीबीपी चीफ ने कहा कि आने वाले समय में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ ड्रोन्स और एंटी-ड्रोन सिस्टम की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने बताया कि बल के आधुनिकीकरण फंड का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान में ड्रोन्स की खरीद और तकनीक को उन्नत करने पर खर्च किया जा रहा है।
महानिदेशक के अनुसार, ऊपरी सुबनसरी जिले के असाफिला, माजा और तक्सिंग जैसे क्षेत्रों में चीनी सैनिकों द्वारा पेट्रोलिंग को लेकर गतिरोध देखा गया है, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ा है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए आईटीबीपी ने अपनी नई लड़ाकू इकाई 'शौर्य कमांडो' को तैयार किया है, जिसने इन झड़पों के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भविष्य की युद्ध रणनीतियों पर चर्चा करते हुए आईटीबीपी चीफ ने कहा कि आने वाले समय में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ ड्रोन्स और एंटी-ड्रोन सिस्टम की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने बताया कि बल के आधुनिकीकरण फंड का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान में ड्रोन्स की खरीद और तकनीक को उन्नत करने पर खर्च किया जा रहा है।