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Arnab cyclone
चक्रवात 'अर्नब' का कहर: आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही, उत्तर भारत में बारिश और आंधी का अलर्ट
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026।
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाने के बाद अब कमजोर पड़ गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात का अवशेष अब कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन इसके कारण कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था तूफान
चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय क्षेत्र में दस्तक दी थी। इस दौरान तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गति लगभग 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान था। तूफान के प्रभाव से कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, सड़कें प्रभावित हुईं और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। खेतों में खड़ी फसलों और ग्रामीण इलाकों के मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं।
ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ इलाकों में जलभराव, सड़क संपर्क बाधित होने और भूस्खलन जैसी समस्याएं सामने आईं। प्रशासन और आपदा राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का बदला मिजाज
चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद इसके अवशेष और अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश तथा बिहार के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों को सलाह है कि वे मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान दें और फसल कटाई तथा कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनाएं।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
तेज हवा, बिजली चमकने और बारिश के दौरान खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए। पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। मछुआरों को समुद्र में जाने से संबंधित प्रशासनिक और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
प्रशासन अलर्ट पर
केंद्र और राज्य सरकारों की एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) तथा स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रखा गया है।
मौसम विभाग की सलाह: नागरिक किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और मौसम संबंधी आधिकारिक जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अपडेट देखते रहें।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भारत सरकार एवं NASA।
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026।
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाने के बाद अब कमजोर पड़ गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात का अवशेष अब कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन इसके कारण कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था तूफान
चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय क्षेत्र में दस्तक दी थी। इस दौरान तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गति लगभग 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान था। तूफान के प्रभाव से कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, सड़कें प्रभावित हुईं और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। खेतों में खड़ी फसलों और ग्रामीण इलाकों के मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं।
ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ इलाकों में जलभराव, सड़क संपर्क बाधित होने और भूस्खलन जैसी समस्याएं सामने आईं। प्रशासन और आपदा राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का बदला मिजाज
चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद इसके अवशेष और अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश तथा बिहार के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों को सलाह है कि वे मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान दें और फसल कटाई तथा कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनाएं।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
तेज हवा, बिजली चमकने और बारिश के दौरान खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए। पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। मछुआरों को समुद्र में जाने से संबंधित प्रशासनिक और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
प्रशासन अलर्ट पर
केंद्र और राज्य सरकारों की एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) तथा स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रखा गया है।
मौसम विभाग की सलाह: नागरिक किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और मौसम संबंधी आधिकारिक जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अपडेट देखते रहें।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भारत सरकार एवं NASA।