📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
अपराध
लेइसांगफाई में हुए हत्याकांड पर कुकी-जो समुदाय ने न्याय की माँग
✍️ Northeast Today
🗓 17 सित. 2026, 04:32 AM
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लेइसांगफाई गांव में हुई हत्याओं ने कुकी‑जो समुदाय में गुस्सा भड़काया है, जिससे विधायकों, प्रमुख संस्थाओं और नागरिक संगठनों ने तुरंत न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
मनिपुर के चुराचंदपुर जिले के दूरस्थ गाँव लेइसांगफाई में कई लोगों की हत्या ने राज्य भर में गहरी चिंता उत्पन्न कर दी है। स्थानीय गवाहों के अनुसार, पीड़ितों में कुकी‑जो समुदाय के सदस्य शामिल थे, जिससे क्षेत्र में मौजूदा जातीय तनाव और बढ़ गया है।
इस घटना के बाद, मनिपुर विधानसभा के कई विधायक आपातकालीन बैठक में भाग लेकर राज्य सरकार से तेज़ जांच और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती का आग्रह कर रहे हैं। मनिपुर राज्य मानवाधिकार आयोग जैसी प्रमुख संस्थाओं ने भी इस हिंसा की निंदा की और जवाबदेही की माँग की है।
कुकी‑जो समुदाय के प्रतिनिधियों ने इम्फाल और आसपास के शहरों में शांति पूर्ण रैलियां आयोजित कीं, जिसमें पारदर्शी जांच और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा की मांग की गई। समूह ने चेतावनी दी कि उचित कार्रवाई न होने पर इस प्रकार की घटनाएं पूरे पूर्वोत्तर में अस्थिरता को जन्म दे सकती हैं।
राज्य अधिकारियों ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है और संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा का वादा किया है। जांच जारी रहने के दौरान, समुदाय के नेताओं ने शीघ्र न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आश्वासन की लगातार मांग की है।
लेइसांगफाई हत्याकांड ने मनिपुर में शांति की नाजुक स्थिति को उजागर किया है और सरकार व नागरिक समाज के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे अल्पसंख्यक समूहों के अधिकार और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस घटना के बाद, मनिपुर विधानसभा के कई विधायक आपातकालीन बैठक में भाग लेकर राज्य सरकार से तेज़ जांच और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती का आग्रह कर रहे हैं। मनिपुर राज्य मानवाधिकार आयोग जैसी प्रमुख संस्थाओं ने भी इस हिंसा की निंदा की और जवाबदेही की माँग की है।
कुकी‑जो समुदाय के प्रतिनिधियों ने इम्फाल और आसपास के शहरों में शांति पूर्ण रैलियां आयोजित कीं, जिसमें पारदर्शी जांच और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा की मांग की गई। समूह ने चेतावनी दी कि उचित कार्रवाई न होने पर इस प्रकार की घटनाएं पूरे पूर्वोत्तर में अस्थिरता को जन्म दे सकती हैं।
राज्य अधिकारियों ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है और संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा का वादा किया है। जांच जारी रहने के दौरान, समुदाय के नेताओं ने शीघ्र न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आश्वासन की लगातार मांग की है।
लेइसांगफाई हत्याकांड ने मनिपुर में शांति की नाजुक स्थिति को उजागर किया है और सरकार व नागरिक समाज के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे अल्पसंख्यक समूहों के अधिकार और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।