📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shivanjan
देश
किशौ परियोजना समझौता: 32 साल की जड़ता समाप्त, यमुना की धारा को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य
✍️ India Today
🗓 16 सित. 2026, 09:32 AM
👁 12
32 साल की जड़ता को तोड़ते हुए किशौ जल परियोजना पर समझौता हुआ, जिससे छह राज्यों को लाभ और यमुना की धारा को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है।
नई दिल्ली में आज एक ऐतिहासिक समझौता हुआ, जिससे किशौ जल परियोजना पर 32 साल की जड़ता समाप्त हो गई। केंद्र सरकार और छह उत्तर भारतीय राज्यों के प्रतिनिधियों ने यमुना‑गंगा जलसंधि को आगे बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर किए।
इस समझौते से यमुना नदी में अतिरिक्त जल प्रवाह आएगा, जो पिछले वर्षों में गंभीर कमी का शिकार रही है। जल प्रवाह की पुनर्स्थापना से कृषि, पेयजल और पर्यावरणीय संतुलन को लाभ मिलेगा।
परियोजना न केवल जल सुरक्षा बल्कि जलविद्युत उत्पादन और निर्माण चरण में नई नौकरियों के सृजन का भी वादा करती है। अधिकारियों ने इसे क्षेत्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक "मील का पत्थर" कहा।
कार्यान्वयन के लिए एक संयुक्त निगरानी समिति गठित की जाएगी, और कार्यकाल की विस्तृत रूपरेखा आने वाले हफ्तों में तय की जाएगी। सभी पक्ष आशावादी हैं कि पुनर्जीवित परियोजना यमुना पर निर्भर लाखों लोगों को वास्तविक लाभ पहुंचाएगी।
इस समझौते से यमुना नदी में अतिरिक्त जल प्रवाह आएगा, जो पिछले वर्षों में गंभीर कमी का शिकार रही है। जल प्रवाह की पुनर्स्थापना से कृषि, पेयजल और पर्यावरणीय संतुलन को लाभ मिलेगा।
परियोजना न केवल जल सुरक्षा बल्कि जलविद्युत उत्पादन और निर्माण चरण में नई नौकरियों के सृजन का भी वादा करती है। अधिकारियों ने इसे क्षेत्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक "मील का पत्थर" कहा।
कार्यान्वयन के लिए एक संयुक्त निगरानी समिति गठित की जाएगी, और कार्यकाल की विस्तृत रूपरेखा आने वाले हफ्तों में तय की जाएगी। सभी पक्ष आशावादी हैं कि पुनर्जीवित परियोजना यमुना पर निर्भर लाखों लोगों को वास्तविक लाभ पहुंचाएगी।