स्थानीय
खेत बचाओ अभियान में हरिद्वार के किसानों को डीएपी उर्वरक विकल्प एवं ई-टोकन बुकिंग प्रशिक्षण
हरिद्वार जिले के विकासखंड टिमरनी, खिरकिया और हरदा में आयोजित कृषक चौपालों में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, नरवाई प्रबंधन और ई-विकास पोर्टल से ई-टोकन बुकिंग की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
खेत बचाओ अभियान के तहत हरिद्वार जिले के विकासखंड टिमरनी, खिरकिया और हरदा में कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं द्वारा कृषक चौपाल आयोजित किए गए।
चौपालों में किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, 16:20:0:13, टीएसपी और एसएसपी उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया और संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी गई।
किसानों को नरवाई प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग की सलाह दी गई।
कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं ने ई-विकास प्रणाली पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन बुकिंग की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया, जिससे किसान उर्वरक प्राप्ति प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें। अभियान का उद्देश्य किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, नरवाई के उचित प्रबंधन और कृषि संबंधी ऑनलाइन सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है।
चौपालों में किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, 16:20:0:13, टीएसपी और एसएसपी उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया और संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी गई।
किसानों को नरवाई प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग की सलाह दी गई।
कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं ने ई-विकास प्रणाली पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन बुकिंग की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया, जिससे किसान उर्वरक प्राप्ति प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें। अभियान का उद्देश्य किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, नरवाई के उचित प्रबंधन और कृषि संबंधी ऑनलाइन सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है।