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खरतरगच्छ संघ में पावन पर्युषण महापर्व का आयोजन, जैनम हरिसभाई गुलेच्छा एवं अन्य तपस्वियों की तप
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परम पूज्य महारसा श्री तत्वज्ञलता श्रीजी महाराज साहेब तथा परम पूज्य पर्वप्रभा श्रीजी महाराज साहेब की पावन प्रेरणा से खरतरगच्छ संघ में पावन पर्युषण महापर्व का आयोजन हुआ, जहाँ जैनम हरिसभाई गुलेच्छा, श्रीमती सुशीलादेवी लुक्कड़ और अन्य तपस्वियों ने सिद्धि, अट्ठाई एवं अन्य तपों का पालन किया।
परम पूज्य महारसा श्री तत्वज्ञलता श्रीजी महाराज साहेब तथा परम पूज्य पर्वप्रभा श्रीजी महाराज साहेब की पावन प्रेरणा एवं मंगलमय आशीर्वाद से खरतरगच्छ संघ में पावन पर्युषण महापर्व का आयोजन किया गया।
सिद्धि तप के तपस्वी जैनम हरिसभाई गुलेच्छा तथा श्रीमती सुशीलादेवी लुक्कड़ ने तप, त्याग एवं संयम की आराधना की, जबकि अट्ठाई तप के तपस्वी निर्मल अमितभाई सालेचा तथा अंशु गौरवजी राकेचा ने भी अपनी तपस्या का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त, संघ में छठ तप, अठ्ठम तप, अट्ठाई तप, अक्षय निधि तप और अन्य विविध प्रकार की तपस्याएँ भी गतिमान हैं, जिनसे तपस्वी आत्मकल्याण, आत्मशुद्धि एवं कर्मनिर्जरा के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
सभी तपस्वियों की तप, त्याग, संयम एवं साधना की हृदय से अनुमोदना की जाती है, और आशा है कि उनकी तपस्या आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी तथा आत्मशुद्धि एवं कर्मनिर्जरा का कारण बनेगी। जय जिनेन्द्र।
सिद्धि तप के तपस्वी जैनम हरिसभाई गुलेच्छा तथा श्रीमती सुशीलादेवी लुक्कड़ ने तप, त्याग एवं संयम की आराधना की, जबकि अट्ठाई तप के तपस्वी निर्मल अमितभाई सालेचा तथा अंशु गौरवजी राकेचा ने भी अपनी तपस्या का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त, संघ में छठ तप, अठ्ठम तप, अट्ठाई तप, अक्षय निधि तप और अन्य विविध प्रकार की तपस्याएँ भी गतिमान हैं, जिनसे तपस्वी आत्मकल्याण, आत्मशुद्धि एवं कर्मनिर्जरा के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
सभी तपस्वियों की तप, त्याग, संयम एवं साधना की हृदय से अनुमोदना की जाती है, और आशा है कि उनकी तपस्या आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी तथा आत्मशुद्धि एवं कर्मनिर्जरा का कारण बनेगी। जय जिनेन्द्र।