📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kerala Police
अपराध
केरल पुलिस ने साइबर अपराध जांच को सुदृढ़ करने के लिए साइबल के साथ 3‑साल का समझौता किया
✍️ Business Standard
🗓 13 अक्टू. 2026, 01:36 AM
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केरल पुलिस ने साइबर सुरक्षा कंपनी साइबल के साथ तीन साल का समझौता किया है, जिससे साइबर अपराध जांच की क्षमता बढ़ेगी, अधिकारियों ने बताया।
केरल पुलिस विभाग ने वैश्विक साइबर‑थ्रेट इंटेलिजेंस कंपनी साइबल के साथ तीन साल की साझेदारी की है। यह समझौता राज्य की साइबर अपराधों की पहचान, जांच और रोकथाम की क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है।
समझौते के तहत साइबल पुलिस को रीयल‑टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस, विश्लेषणात्मक उपकरण और विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करेगा। अधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग मौजूदा कौशल अंतर को पाटेगा और उभरते डिजिटल खतरों पर तेज़ प्रतिक्रिया संभव बनाएगा।
भारत में साइबर अपराधों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे कई राज्य एजेंसियों ने विशेषज्ञ सहायता की मांग की है। साइबल की विशेषज्ञता का उपयोग करके केरल मामलों के समाधान में सुधार और नागरिकों की ऑनलाइन संपत्तियों की सुरक्षा को बेहतर बनाना चाहता है।
दोनों पक्षों ने कहा कि यह साझेदारी मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर कार्य करेगी, जिससे जांच प्रक्रिया में गोपनीयता और डेटा‑सुरक्षा मानकों का सम्मान सुनिश्चित होगा।
यह समझौता भारतीय पुलिस बलों और निजी साइबर‑सुरक्षा कंपनियों के बीच दीर्घकालिक सहयोग का एक उल्लेखनीय उदाहरण है, जो डिजिटल सुरक्षा में सार्वजनिक‑निजी भागीदारी की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
समझौते के तहत साइबल पुलिस को रीयल‑टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस, विश्लेषणात्मक उपकरण और विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करेगा। अधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग मौजूदा कौशल अंतर को पाटेगा और उभरते डिजिटल खतरों पर तेज़ प्रतिक्रिया संभव बनाएगा।
भारत में साइबर अपराधों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे कई राज्य एजेंसियों ने विशेषज्ञ सहायता की मांग की है। साइबल की विशेषज्ञता का उपयोग करके केरल मामलों के समाधान में सुधार और नागरिकों की ऑनलाइन संपत्तियों की सुरक्षा को बेहतर बनाना चाहता है।
दोनों पक्षों ने कहा कि यह साझेदारी मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर कार्य करेगी, जिससे जांच प्रक्रिया में गोपनीयता और डेटा‑सुरक्षा मानकों का सम्मान सुनिश्चित होगा।
यह समझौता भारतीय पुलिस बलों और निजी साइबर‑सुरक्षा कंपनियों के बीच दीर्घकालिक सहयोग का एक उल्लेखनीय उदाहरण है, जो डिजिटल सुरक्षा में सार्वजनिक‑निजी भागीदारी की प्रवृत्ति को दर्शाता है।