📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sujithshivam511
बिज़नेस
केरल के व्यक्ति को बैंक ऑफ इंडिया की देरी पर मिली 15,000 रुपये की मुआवजा राशि
✍️ The Economic Times
🗓 13 सित. 2026, 04:35 PM
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केरल के एक व्यक्ति को बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उसकी दिवंगत पत्नी की बचत जारी करने में देरी के कारण 15,000 रुपये की मुआवजा राशि देने का आदेश मिला।
केरल के एक न्यायालय ने बैंक ऑफ इंडिया को एक स्थानीय व्यक्ति को 15,000 रुपये की मुआवजा राशि देने का निर्देश दिया है, क्योंकि उसकी दिवंगत पत्नी की बचत समय पर जारी नहीं की गई थी। यह फैसला बैंक की खाता बंद करने और निधि हस्तांतरण में देरी को उजागर करता है।
वादी ने बताया कि पत्नी की मृत्यु के बाद बैंक ने उनकी बचत का भुगतान देर से किया, जिससे आर्थिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हुईं। न्यायालय ने बैंक की प्रक्रिया समयसीमा की जांच की और देरी को अनुचित पाया, जिससे वित्तीय राहत का आदेश दिया गया।
बैंक ऑफ इंडिया ने इस फैसले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश वित्तीय संस्थानों को मृत खाता धारकों की निधि शीघ्रता से निपटाने की जिम्मेदारी को सुदृढ़ करता है और देश भर में समान दावों के लिए मिसाल बन सकता है।
वादी ने बताया कि पत्नी की मृत्यु के बाद बैंक ने उनकी बचत का भुगतान देर से किया, जिससे आर्थिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हुईं। न्यायालय ने बैंक की प्रक्रिया समयसीमा की जांच की और देरी को अनुचित पाया, जिससे वित्तीय राहत का आदेश दिया गया।
बैंक ऑफ इंडिया ने इस फैसले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश वित्तीय संस्थानों को मृत खाता धारकों की निधि शीघ्रता से निपटाने की जिम्मेदारी को सुदृढ़ करता है और देश भर में समान दावों के लिए मिसाल बन सकता है।