📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shagil Kannur
स्वास्थ्य
केरल ने एआई‑आधारित डेंगी चेतावनी प्रणाली शुरू की
✍️ NDTV
🗓 29 सित. 2026, 01:01 AM
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केरल के स्वास्थ्य विभाग ने डेंगी के प्रकोप की भविष्यवाणी और समय पर चेतावनी देने के लिए एआई प्लेटफ़ॉर्म लागू किया है।
राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल में डेंगी के प्रकोप की भविष्यवाणी करने के लिए एक एआई‑आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली शुरू करने की घोषणा की। यह प्लेटफ़ॉर्म अस्पतालों, मच्छर निगरानी, मौसम डेटा और पिछले केस रिकॉर्ड को रीयल‑टाइम में जोड़कर आने वाले हफ़्तों के जोखिम मानचित्र बनाता है।
मशीन‑लर्निंग एल्गोरिदम इन डेटा का विश्लेषण करके उन क्षेत्रों की पहचान करते हैं जहाँ डेंगी का प्रसार बढ़ने की संभावना है। इसके बाद जिलाधिकारी और स्थानीय निकायों को चेतावनी भेजी जाती है, जिससे वे फॉगिंग, लार्विसाइडिंग और जनजागरूकता अभियानों जैसी रोकथाम उपायों को प्रकोप से पहले ही लागू कर सकें।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि एआई टूल मौजूदा निगरानी प्रणाली को पूरक करेगा और केसों में वृद्धि के बाद की पहचान में लगने वाले समय को कम करेगा। समय पर हस्तक्षेप से गंभीर संक्रमणों की संख्या घटेगी और पीक सीज़न में अस्पतालों पर दबाव कम होगा।
शुरुआत में कुछ उच्च जोखिम वाले जिलों में पायलट चलाया गया है, जिसे अगले कुछ महीनों में पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा और भविष्यवाणी मॉडल को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।
मशीन‑लर्निंग एल्गोरिदम इन डेटा का विश्लेषण करके उन क्षेत्रों की पहचान करते हैं जहाँ डेंगी का प्रसार बढ़ने की संभावना है। इसके बाद जिलाधिकारी और स्थानीय निकायों को चेतावनी भेजी जाती है, जिससे वे फॉगिंग, लार्विसाइडिंग और जनजागरूकता अभियानों जैसी रोकथाम उपायों को प्रकोप से पहले ही लागू कर सकें।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि एआई टूल मौजूदा निगरानी प्रणाली को पूरक करेगा और केसों में वृद्धि के बाद की पहचान में लगने वाले समय को कम करेगा। समय पर हस्तक्षेप से गंभीर संक्रमणों की संख्या घटेगी और पीक सीज़न में अस्पतालों पर दबाव कम होगा।
शुरुआत में कुछ उच्च जोखिम वाले जिलों में पायलट चलाया गया है, जिसे अगले कुछ महीनों में पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा और भविष्यवाणी मॉडल को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।