📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Christopher Michel
खेल
केरल के सायक्लिस्ट ने एवरस्ट बेस कैंप की साइकिल यात्रा शुरू की
✍️ News18
🗓 23 अग. 2026, 12:03 PM
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केरल के एक सायक्लिस्ट ने एवरस्ट बेस कैंप तक दो पहियों से पहुंचने के लिए चुनौतीपूर्ण यात्रा शुरू की है, जो भारतीय उपमहाद्वीप से हिमालय तक की दुर्लभ लंबी दूरी की साइकिल यात्रा है।
केरल के एक सायक्लिस्ट ने एवरस्ट बेस कैंप तक पहुंचने के लिए एक महत्त्वाकांक्षी यात्रा शुरू की है, जो आमतौर पर ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों द्वारा ही की जाती है। वह कोस्टल प्लेन से लेकर उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों और फिर हिमालय की ऊँची पहाड़ियों तक, विविध भूभाग को दो पहियों से पार करने की योजना बना रहे हैं। इस प्रकार की साइकिल यात्रा बहुत ही दुर्लभ है और इससे पहले बहुत कम सायक्लिस्टों ने इस लक्ष्य को हासिल किया है। यह यात्रा सहनशक्ति, लॉजिस्टिक योजना और उच्च ऊँचाई पर अनुकूलन क्षमता की परीक्षा होगी।
सायक्लिस्ट अपनी प्रगति के बारे में समय‑समय पर अपडेट साझा करेंगे, जिसमें राज्य सीमाओं को पार करना, प्रमुख शहरों तक पहुँचना और उत्तराखंड तथा नेपाल के उच्च क्षेत्रों में चढ़ाई शामिल होगी। यद्यपि मार्ग और समय‑सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सीमित है, यह पहल भारत में साहसिक खेलों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
जिन क्षेत्रों से वह गुजरेंगे, उन क्षेत्रों की प्राधिकरणों को इस यात्रा की सूचना दे दी गई है, जिससे बेस कैंप के निकट उच्च ऊँचाई वाले हिस्से के लिए आवश्यक परमिट और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा सकें। यदि यह सफल रहा, तो यह भारत के साहसिक खेलों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देगा, जिससे कठिन पर्यावरण में लंबी दूरी की साइक्लिंग की संभावनाओं को उजागर किया जाएगा।
सायक्लिस्ट अपनी प्रगति के बारे में समय‑समय पर अपडेट साझा करेंगे, जिसमें राज्य सीमाओं को पार करना, प्रमुख शहरों तक पहुँचना और उत्तराखंड तथा नेपाल के उच्च क्षेत्रों में चढ़ाई शामिल होगी। यद्यपि मार्ग और समय‑सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सीमित है, यह पहल भारत में साहसिक खेलों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
जिन क्षेत्रों से वह गुजरेंगे, उन क्षेत्रों की प्राधिकरणों को इस यात्रा की सूचना दे दी गई है, जिससे बेस कैंप के निकट उच्च ऊँचाई वाले हिस्से के लिए आवश्यक परमिट और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा सकें। यदि यह सफल रहा, तो यह भारत के साहसिक खेलों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देगा, जिससे कठिन पर्यावरण में लंबी दूरी की साइक्लिंग की संभावनाओं को उजागर किया जाएगा।